आरएसएस के वरिष्ठ नेता बोले- गांधी की भूल की वजह से देश का बंटवारा

आरएसएस के वरिष्ठ प्रचारक इंद्रेश कुमार ने कहा है कि महात्मा गांधी की भूल की वजह से देश का बंटवारा हुआ। अगर बापू अंग्रेजों से वार्ता के लिए नेहरू और जिन्ना को एडीसी नहीं चुनते तो भारत के टुकड़े नहीं होते। उनकी जगह अगर सरदार पटेल,सुभाष और महर्षि अरविंदो को एडीसी चुन लेते तो भारत का विभाजन नहीं होता। बापू की छोटी सी भूल ने भारत के दो टुकड़े कर दिए। इसलिए आजादी मिली लेकिन टुकड़ों के साथ मिली। इंद्रेश कुमार जयपुर में जनसंख्या समाधान फाउंडेशन के कार्यक्रम में बोल रहे थे।

वोट से भारत पर कब्जा करने की होड़ ने बढ़ाई जनसंख्या

इन्द्रेश कुमार ने कहा कि विश्व व देश मे जनसंख्या बढ़ने से असंतुलन बढ़ा है। जल, जमीन व संसाधन कम होने लग गए हैं। आंकलन के अनुसार भारत मे 80 -90 करोड़ आबादी होनी चाहिए, लेकिन 135 करोड़ हो गई है। कुछ लोग वोट को भारत पर कब्जा करने का माध्यम मान कर जनसंख्या बढ़ा रहे हैं। अब वक्त आ गया है बेरोजगारी, दंगो, हिंसा वाला भारत नहीं चाहिए। विश्व में जनसंख्या नियंत्रण के लिए आंदोलन चलाए जा रहे हैं। भारत में भी जनसंख्या नियंत्रण के लिए आंदोलन शुरू किया गया है।

हिंदुस्तान सबका,डबल स्टैंडर्ड नहीं चलेंगे

इंद्रेश कुमार ने कहा कि भारत में डबल स्टैंडर्ड चल रहा है, इसलिए जनसंख्या की बेहिसाब वृद्धि है। गरीबी, बेरोजगारी , अपराध जलालत भी है। ऐसे हिंदुस्तान के लिए हम नहीं हैं। हिंदुस्तान सबका है तो सजाकर रखना होगा, यह हर एक की पहली जिम्मेदारी है। अगर ऐसा नहीं है तो देशद्रोह है।

पत्थर वाला शुक्रवार नहीं चाहिए
इंद्रेश कुमार ने कहा कि पूजा स्थल से निकले तो मन में शांति होनी चाहिए, लेकिन भारत में शुक्रवार तो पत्थर वाला शुक्रवार बन गया। किसी भी पूजा के बाद शांति मिलनी चाहिए, हिंसा नहीं होनी चाहिए। लेकिन देश कुछ अलग ही माहौल है। पूजा स्थलों पर टूटी हुई मूर्तियां कहां से आ गई। सभी इबादतगाहों में टूटी हुई मूर्तियां हैं, इसका अर्थ है आक्रांताओं ने मूर्तिया तोड़ी। यदि मूर्तियां है तो पूरी मूर्तियां लगवा लें।

पीओके एक दिन फिर से भारत में होगा, पाकिस्तान मिट जाएगा
इंद्रेश कुमार ने कहा कि एक दिन आएगा जब सुबह उठेंगे पता लगेगा कि पीओके फिर से भारत में आ गया है। आप भी आ—जा सकें तो कोई खतरा नहीं है। पाकिस्तान में अलग अलग प्रांत आजादी की बात कर रहे हैं, एक दिन पाकिस्तान को ढूंढ़ना पड़ेगा। 1947 से पहले भी नक्शे में नहीं था और आगे भी आपको पाकिस्तान ढूंढना पड़ेगा कहां है।