उत्तर प्रदेश

परिवार की रार अब चुनावी मैदान में, शिवपाल का इस सीट पर होगा अब कड़ा मुकाबला

Image result for शिवपाल मुलायम में तकरार

समाजवादी पार्टी में अभी तक कलह शांत होने का नाम नहीं ले रही. हर रोज कोई न कोई वजह बन ही जाती है. कभी अखलेश का चाचा शिवपाल पर प्रहार तो कभी शिवपाल का भतीजे पर मगर अब मामला दो भाइयो के बीच हो गया है.  2019 लोकसभा चुनाव  में फिरोजाबाद सीट  बचाने के लिए समाजवादी पार्टी  ने अभी से मोर्चेबंदी शुरू कर दी है। रामगोपाल यादव के बेटे अक्षय यादव यहां से सांसद हैं। सपा के लिए मुश्किल यह है कि शिवपाल यादव   ने फिरोजाबाद सीट से चुनाव लड़ने का संकेत दे दिया है। ऐसे में अब सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव  को खुद आगे आना पड़ा है।

शुक्रवार को मुलायम सिंह यादव सपा मुखिया अखिलेश, चचेरे भाई और राष्ट्रीय महासचिव रामगोपाल यादव व सांसद अक्षय यादव संग फिरोजाबाद के नागला छबरैया पहुंचे। कारगिल शहीद सम्मान समारोह में जुटी भारी भीड़ के सामने मुलायम सिंह यादव ने अक्षय यादव का हाथ उठवा कर उसे ही चुनाव जिताने की अपील कर दी। मुलायम ने इस इलाके से अपने पुराने नाते को याद किया और जनता से इसी रिश्ते की दुहाई दी। वह खुद यहां की शिकोहाबाद विधानसभा सीट से चुनाव जीत चुके हैं। यह कम हैरत की बात नहीं है कि शिवपाल ने अपने लिए फिरोजाबाद सीट पर निगाह लगाई है।

फिरोजाबाद से चुनाव लड़ सकते हैं शिवपाल
पिछले दिनों शिवपाल यादव ने फिरोजाबाद में रोड शो कर कहा था कि अगर जनता व कार्यकर्ताओं चाहेंगे तो यहां से चुनाव लड़ सकते हैं। इसी सक्रियता से सपा खेमे में अंदर ही अंदर खलबली सी है। इसकी वजह भी है। सपा से पूरी तरह अलग हो चुके शिवपाल अब उसी वोट बैंक के भरोसे हैं। साथ ही उन्होंने सपा के असंतुष्टों के लिए अपनी पार्टी के रूप में एक मंच का विकल्प दे दिया। सपा को खतरा यह है कि शिवपाल यादव की पार्टी उन्हीं के वोट काटेगी और इससे भाजपा को खासा फायदा हो सकता है।

बीजेपी ने भी जीत के लिए लगाई ताकत
बीजेपी सपा की सिटिंग सीटें जीतने के वहां के अपने विधायकों को लगा दिया है। पिछले लोकसभा चुनाव में सपा ने भाजपा लहर में जिन पांच सीटों पर कब्जा किया था, उसमें फिरोजाबाद भी है। और बात फिरोजाबाद तक ही नहीं है। सपा की बाकी चार सिटिंग सीट मैनपुरी, कन्नौज, आजमगढ़ व बदायूं पर भी यह खतरा है। इन पांचों सीटिंग सीट पर आने वाली चुनावी जंग में प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) की मौजूदगी इन सीटों पर सपा के समीकरणों पर प्रतिकूल असर डाल सकती है। वैसे शिवपाल यह कह चुके हैं कि जिस एक सीट से नेताजी मुलायम सिंह यादव चुनाव लड़ेंगे। वहां उनके सम्मान में उनकी पार्टी अपना प्रत्याशी नहीं उतारेगी।

 

Back to top button