मायानगरी

Movie Review: पूरी पैसा वसूल, हंसते हुए आएंगे बाहर, जरूर देखिए ‘बधाई हो’

आयुष्मान खुराना लीक से हटकर फिल्मों में काम करने के लिए जाने जाते हैं. फिर चाहे उनकी डेब्यू फिल्म ‘विक्की डोनर’ हो या फिर ‘दम लगाके हईशा’. ‘बधाई हो’ उनकी ऐसी ही फिल्म है. एक दर्शक के लिए अच्छा सिनेमा वही होता है जब वह फिल्म को एक मिनट के लिए भी खुद को अलग न कर सके. ‘बधाई हो’ कुछ इसी तरह की फिल्म है.

एक समय था, जब बॉलीवुड में मसाला और फिक्‍स्‍ड पैटर्न पर बनने वाली फिल्‍में बनती थीं. उस समय यह फिल्‍में हिट भी हो जाती थीं लेकिन पिछले कुछ समय में दर्शकों ने दिलचस्‍प कहानियों को तवज्‍जों देना शुरू कर दिया है. शायद यही कारण है कि बॉक्‍स ऑफिस पर अब सितारों से ज्‍यादा दिलचस्‍प कहानियों दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींच रही हैं. ऐसा ही कुछ हुआ है  आज रिलीज हुई फिल्‍म ‘बधाई हो’ के साथ, जिसके ट्रेलर के बाद से ही लोग इस मजेदार फिल्‍म को देखने के लिए अपनी उत्‍सुकता दिखा रहे थे. अब जब यह फिल्‍म रिलीज हो चुकी है, तो आपको बता दें कि जितना मजा आपको ट्रेलर देखकर आया है, उससे काफी ज्‍यादा ठहाके और इमोशन यह फिल्‍म आपके लिए सिनेमाघरों में लेकर आ रही है.

फ‍िल्‍म की कहानी
फिल्म की कहानी दिल्ली के कौशिक परिवार की है, जहां घर में पिता (गजराज राव), मां (नीना गुप्ता) के साथ उनका बेटा नकुल कौशिक (आयुष्मान खुराना) रहते हैं. नकुल को रेने (सान्या मल्होत्रा) से मोहब्बत है और दोनों का रोमांस परवान चढ़ता रहता है. तभी अचानक से नकुल के घर में भूचाल मच जाता है. दरअसल, नकुल की मम्मी प्रेग्नेंट हो जाती हैं और फिर कहानी में बहुत सारे उतार चढ़ाव शुरू हो जाते हैं. आस पास के लोगों द्वारा तंज कसने की प्रक्रिया शुरू हो जाती है. मजेदार अंदाज में कहानी आगे बढ़ती है और अंततः क्या होता है, ये जानने के लिए आपको फिल्म देखनी पड़ेगी.

badhaai ho

फिल्म की कहानी बहुत ही दिलचस्प और लीक से हटकर है. शांतनु श्रीवास्तव, अक्षत घिल्डियाल और ज्योति कपूर ने कहानी को शानदार ढंग से लिखा है तो अमित रविंद्रनाथ शर्मा ने उतनी ही खूबसूरती के साथ फिल्म को परदे पर उकेरा है. ‘बधाई हो’ हर मोर्चे पर एंटरटेन करती है. फिल्म में कई पल ऐसे भी आते हैं जब किरदार के दुख में भी आपको हंसी आती है. अक्षत ने स्क्रीनप्ले भी अच्छा लिखा है. कहानी इंटरवल के पहले आपको पूरी तरह बांधे रखती है, इंटरवल के बाद थोड़ी इमोशनल जोन में भी जाती है.

अमित शर्मा का डायरेक्शन लाजवाब है और ऐसी कहानी है जिससे मिड‍िल क्लास के लोग जरूर कनेक्ट करेंगे. आयुष्मान खुराना ने एक बार फिर से सिद्ध कर दिया है कि वो आम इंसान को पर्दे पर द‍िखाने की कला में एक्सपर्ट हैं. नीना गुप्ता ने मम्मी का किरदार जबरदस्त निभाया है. वहीं गजराज राव से यही कहना चाहेंगे कि उन्हें ज्यादा से ज्यादा फिल्में करनी चाहिए. उन्होंने बहुत ही उम्दा अभिनय किया है. साथ ही सान्या मल्होत्रा का काम भी बढ़िया है. सुरेखा सिकरी और शीबा चड्ढा समेत बाकी कलाकारों का काम सहज है.

पूरे बॉलीवुड ने एक सुर में आयुष्‍मान खुराना को कहा 'बधाई हो', आखिर माजरा क्‍या है?

इस फिल्‍म में एक मध्‍यमवर्गीय परिवार की कहानी को बेहतरीन तरीके से पिरोया गया है, जिसे इसके मंझे हुए किरदारों ने पर्दे पर उतारने में कोई कसर नहीं छोड़ी है. इस फिल्‍म को देखने के बाद बस यही दिल से निकलता है, ‘बधाई हो’, बॉलीवुड में जानदार कंटेंट हुआ है.

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