देशराजनीति

Video : जापानी पीएम को मोदी ने गिफ्ट किए ये कटोरे, जानिए इनकी खास बात

टोक्यो। भारत-जापान के बीच 13वें वार्षिक सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिवसीय दौरे पर टोक्यो पहुंचे हुए हैं। इस दौरान मोदी ने जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे को रविवार को राजस्थान के लाल और पीले स्फटिक से निर्मित कटोरियां तोहफे में दी हैं जिन्हें गुजरात में खंभात क्षेत्र के मशहूर कारीगर शब्बीर हुसैन इब्राहिम भाई शेख ने बनाया है। यह कटोरियां अनूठी हैं क्योंकि पत्थरों को हाथ से इस्तेमाल में लाये जाने वाले औजारों की मदद से कटोरी के आकार में ढाला जाता है और किसी भी लेथ मशीन का इस्तेमाल नहीं किया जाता है।

वहीं उत्तर प्रदेश में मिर्जापुर के बुनकरों द्वारा हाथ से बुनी गयी खास दरियां भी उपहार में दी हैं। इन दरियों पर विभिन्न प्रकार के डिजाइन उकेरे गये हैं जिनमें ज्यामितीय आकारों से लेकर फूल-पत्तियां शामिल हैं। दरियों में नीला, लाल और पीले रंगों का व्यापक इस्तेमाल किया गया है। कटोरियों और दरियों को अहमदाबाद स्थित देश के जाने-माने राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान की निगरानी में तैयार किया गया है। प्रधानमंत्री ने इनके अलावा जापानी प्रधानमंत्री को लकड़ी की जोधपुरी संदूक भी तोहफे में दी है। दोनों नेताओं के बीच पिछले साढ़े चार वर्ष के बीच यह 12वीं बैठक है।

मोदी को बताया भरोसे मंद दोस्त

वहीं इस दौरान जापान के प्रधानमंत्री ने नरेंद्र मोदी को अपने सबसे भरोसे मंद दोस्तों में से एक बताया है। जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को गले लगाकर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक दो दिन की यात्रा के दौरान मोदी और जापान के प्रधानमंत्री के बीच सुरक्षा मुद्दों पर बात हो सकती है।

इन मुद्दों पर होगी बात

दोनों नेताओं के बीच आज अनौपचारिक बातचीत होगी जिसमें द्विपक्षीय मुद्दों में ढांचागत विकास के मुद्दों पर प्रमुख रूप से चर्चा होगी। कौशल विकास कार्यक्रम, मेक इन इंडिया, रेलवे के समर्पित मालवहन गलियारे, दिल्ली मुंबई औद्योगिक गलियारे, विभिन्न शहरों में मेट्रो परियोजनाओं तथा अहमदाबाद-मुंबई हाईस्पीड रेल परियोजना की समीक्षा की जाएगी। दोनों देश रक्षा क्षेत्र में सहयोग खासकर अनुसंधान एवं विकास की परियोजनाओं को शुरू करने के बारे में विचार करेंगे। कृत्रिम बुद्धिमत्ता, बिग डाटा और रोबोटिक एवं मानव रहित वाहनों के बारे में भी सहयोग बढ़ाने के बारे में बात होगी।

Back to top button