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Video: विदेश से लौटे एमजे अकबर ने दिया इस्तीफा, यौन शोषण पर सफाई में बोले सिर्फ एक लाइन

#MeToo विवाद में फंसे एमजे अकबर ने भारत लौटते ही दिया इस्तीफा! सुषमा से मिलने का मांगा वक्त

 मीटू अभियान में फंसे विदेश राज्‍य मंत्री एमजे अकबर रविवार सुबह दिल्‍ली लौट आए। हवाई अड़डे पर मीडियाकर्मियों ने उन्‍हें घेर लिया। मीडिया की ओर से मीटू के आरोपों को लेकर पूछे गए सवालों के जवाब में कहा कि उन्‍होंने कहा कि इसका जवाब बाद में दूंगा। 

इसके अलावा मीडिया को तत्‍काल कुछ बताने से इनकार किया और हवाई अड्डे से घर के लिए रवाना हो गए। बता दें कि एमजे अकबर पर मीटू अभियान के तहत कई गंभीर आरोप लगे हैं। अभी अभी खबर आ रही है यौन शोषण के आरोपों का सामना कर रहे केंद्रीय मंत्री एमजे अकबर के इस्तीफा देने की खबर है.  बताया जा रहा है कि इस्तीफा भेजने के साथ ही उन्होंने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से मिलने का समय भी मांगा है.

बता दें कि एमजे के खिलाफ लगभग 10 महिला पत्रकारों ने यौन शोषणका आरोप लगाया है. इसके बाद उनपर इस्तीफे का दबाव बढ़ गया था.

भारत लौटते ही जब पत्रकारों ने अकबर से इस संबंध में सवाल किया तो उन्होंने कहा कि वह आरोपों पर बाद में जवाब देंगे. आधिकारिक विदेश यात्रा पर गए केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री ने अभी तक खुद पर लगे आरोपों पर कोई जवाब नहीं दिया है.

भारतीय जनता पार्टी ने इस मामले में अब तक पर चुप्पी साध रखी है. पार्टी के सूत्रों का कहना है कि उनके खिलाफ आरोप गंभीर हैं ऐसे में वो आगे मंत्री पद पर काबिज रहेंगे या नहीं इसपर अभी संशय है. उन्होंने कहा कि इस मामले पर अंतिम फैसला प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी लेंगे. वहीं रविवार को नागपुर में जब पत्रकारों ने परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से इस संबंध में सवाल पूछा तो उन्होंने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया.

बता दें कि महिलाओं पर यौन शोषण के खिलाफ शुरू हुए #MeToo कैंपेन के तहत सामने आ रहे मामलों की जन सुनवाई के लिए बहुत जल्‍द कमिटी गठित की जाएगी. महिला व बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने शुक्रवार को इसकी जानकारी दी. उन्होंने कहा कि रिटायर्ड जजों की चार सदस्‍यीय कमिटी इन सभी मामलों की सुनवाई करेगी.

अभी तक नहीं दिया जवाब
इस मामले में कई आरोप लगने के बाद भी विदेश राज्य मंत्री एमजे अकबर ने अपने ऊपर लगे आरोपों का कोई जवाब नहीं दिया है। यही कारण है कि भाजपा ने मामले में अब तक खामोशी अख्तियार कर रखी है। लेकिन पार्टी सूत्रों का कहना है कि उनके खिलाफ गंभीर आरोप हैं और लगता नहीं कि मंत्री के तौर पर वह लंबे समय तक पद पर रह पाएंगे। उन्होंने कहा कि अंतिम निर्णय पीएम मोदी को लेना है। पार्टी के भीतर इस तरह की भी राय है कि चूंकि उनके खिलाफ कोई कानूनी मामला नहीं है और जो आरोप उनके खिलाफ लगे हैं, वो मंत्री बनने से बहुत पहले का है। इसलिए पार्टी के नेताओं का कहना है कि सबसे पहले अकबर को ही अपने ऊपर लगे आरोपों पर जवाब देना चाहिए।

शिवसेना का रुख सख्‍त
आपको बता दें कि भाजपा की सहयोगी शिवसेना ने कई महिला पत्रकारों द्वारा यौन शोषण के आरोप लगाने के बाद केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री एमजे अकबर को पद से हटाने की मांग की थी। शिवसेना ने अकबर पर लगे आरोपों की गहराई से जांच की मांग भी की। शिवसेना की प्रवक्ता मनीषा कयांदे ने कहा कि जहां तक मुझे पता है, पांच से छह महिला पेशेवरों ने एम जे अकबर के हाथों यौन उत्पीड़न का शिकार होने की खुलकर बात की है। घटनाओं के ब्यौरे चिंताजनक और गंभीर हैं। इसलिए मैं उन्हें तत्काल पद से हटाने की मांग करती हूं। उन्होंने कहा था कि पीएम मोदी बार बार बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ की बातें करते हैं। इसलिए अपनी छवि बनाए रखने के लिए मोदी को अकबर को उनके पद से हटा देना चाहिए। हालांकि उन्‍होंने इस बात का भी जिक्र किया है कि अगर वह पाक-साफ साबित होते हैं तो उन्हें दोबारा कैबिनेट में जगह दी जा सकती है।

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