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संकट में जियो : अंबानी की कंपनी में गई हजारों की नौकरी, जानिए वजह

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रिलायंस जियो कंपनी के आने से सभी लोगों के बीच में खुशी की नई लहर सी दौड़ गई थी. क्योंकि जियो के आने से लोगों को एक ही प्लान में डाटा, कॉलिंग, एसएमएस तथा रोमिंग की सुविधा मिलने लग पड़ी थी. उस समय बाकी कंपनियां डाटा, कॉलिंग, एसएमएस तथा रोमिंग के लिए अलग अलग से भारी भरकम कीमती वसूल करती थीं. उस समय बाकी कंपनियों द्वारा 1GB डाटा के लिए ही 300 से 400 रुपए ले लिया जाता था, ऑफर की वैलिडिटी 1 महीने के लिए ही होती थी. बाकी कॉलिंग, एसएमएस तथा रोमिंग के लिए अलग से रिचार्ज करना पड़ता था. वक्त बदला और रिलायंस जियो ने टेलीकॉम मार्केट का नक्शा ही बदल कर रख दिया.

जनकारी के लिए आपको बताते चले  देश की दिग्गज टेलिकॉम कंपनी रिलायंस जियो इन्फोकॉम ने कॉस्ट में कमी करने और ऑपरेटिंग मार्जिन में सुधार के लिए अपने  कंपनी के एंप्लॉयीज की संख्या में बड़ी कटौती की है। जनवरी-मार्च क्वॉर्टर में कंपनी के ऑपरेटिंग मार्जिन में गिरावट आई थी। जियो ने कॉन्ट्रैक्ट वाले एंप्लॉयीज के साथ ही कुछ परमानेंट स्टाफ की भी छंटनी की है। सूत्रों ने बताया कि कंपनी ने कंज्यूमर से जुड़े फंक्शंस के साथ ही सप्लाई चेन, ह्यूमन रिसोर्सेज, फाइनैंस, एडमिनिस्ट्रेशन और नेटवर्क जैसे एरिया में एंप्लॉयीज की संख्या घटाई है।

जिओ के प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया की   ‘हम अपने कंज्यूमर बिजनस को बढ़ा रहे हैं और जियो इंडस्ट्री में नेट रिक्रूटर बनी हुई है। हम कॉन्ट्रैक्टर्स के साथ भी कार्य कर रहे हैं जो हमारे विभिन्न प्रॉजेक्ट्स के लिए तय समय वाले कॉन्ट्रैक्ट पर स्टाफ को हायर कर सकते हैं।

5000 एंप्लॉयीज की छंटनी
मिली जानकारी  के मुताबिक कंपनी ने लगभग 5,000 एंप्लॉयीज की छंटनी की है। इनमें से करीब 600 परमानेंट एंप्लॉयी थे। बाकी का स्टाफ कॉन्ट्रैक्ट पर था। लेकिन इसकी स्वतंत्र तौर पर पुष्टि नहीं हो सकी है।

15 से 20 हजार एंप्लॉयी
आपकी जानकारी के लिए आपको बता दे देश की नंबर 1 टेलिकॉम कंपनी  जियो के पास 15,000-20,000 एंप्लॉयी पेरोल पर होने का अनुमान है। हालांकि, कंपनी के लिए कार्य करने वाले एंप्लॉयीज की संख्या इससे काफी अधिक है लेकिन वे थर्ड-पार्टी एंप्लॉयीज हैं। थर्ड-पार्टी एंप्लॉयीज को एक स्टाफिंग फर्म हायर कर सकती है और फर्म को इसके लिए कंपनी से पेमेंट मिलती है।

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