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ग्लोबल टेररिस्ट घोषित हुआ मसूद अजहर, जानिए आतंक के आका पर पड़ेगा क्या असर ?

यूनाइटेड नेशंस ने जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मौलाना मसूद अजहर को ग्लोबल टेररिस्ट घोषित कर दिया है. भारत लंबे समय से इसी फैसले का इंतजार कर रहा था, लेकिन चीन अपने वीटो पावर का इस्तेमाल कर इस बार-बार रोक रहा था. बुधवार को आखिरकर दुनिया भर के दबाव के बाद चीन राजी हो गया और अपना वीटो पावर हटाने को तैयार हुआ. कूटनीतिक स्तर पर भारत के लिए यह बड़ी कामयाबी मानी जा रही है.

चीन की तरफ से कल (मंगलवार) को ही बयान आया था, कि आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर को संयुक्त राष्ट्र द्वारा वैश्विक आतंकी घोषित कराने के जटिल मुद्दे का उचित समाधान निकाला जाएगा. चीन के इसी बयान के बाद से संकेत मिलने लगे थे कि अब संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की 1267 अल कायदा प्रतिबंध समिति जल्द ही मसूद अजहर पर बड़ा फैसला ले सकती है.

चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गेंग शुआंग ने एक मीडिया ब्रीफिंग में कहा था, मैं केवल इतना कह सकता हूं कि मुझे भरोसा है कि उचित तरीके से इसका समाधान निकलेगा.’ आपको बता दें कि हाल ही में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच बातचीत भी हुई थी.

बता दें कि मसूद अजहर के ग्लोबल आतंकी घोषित होने के बाद उसे कई बड़े प्रतिबंधों का सामना करना पड़ेगा. दुनियाभर के देशों में मसूद अजहर की एंट्री पर बैन लग जाएगा. वह किसी भी देश में आर्थिक गतिविधियां नहीं कर सकेगा. इसके साथ ही संयुक्त राष्ट्र के सभी सदस्य देशों को मसूद के बैंक अकाउंट्स और प्रॉपर्टी को फ्रीज करना पड़ेगा.

मसूद अजहर से संबंधित व्यक्तियों या उसकी संस्थाओं को कोई मदद नहीं मिलेगी. वहीं पाकिस्तान को भी मसूद अजहर के खिलाफ आर्थिक प्रतिबंध लगाने पड़ेंगे. बैन के बाद पाकिस्तान को मसूद अजहर के टेरर कैंप और उसके मदरसों को भी बंद करना पड़ेगा.

 

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