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शिवराज का टूटा अपने साले से दिल, जीजा का दामन छोड़ थामा कांग्रेस का हाथ..

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नई दिल्ली:  मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी को बड़ा नुकसान उठाना पड़ा है। खुद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के साले संजय सिंह ने कांग्रेस का दामन थाम लिया है।कांग्रेस ने शिवराज सिंह चौहान के घर में सेंधमारी करते हुए मुख्यमंत्री के साले संजय सिंह को शनिवार को कांग्रेस में शामिल करा लिया है।

संजय सिंह ने शनिवार को दिल्ली में कांग्रेस में शामिल होने का ऐलान किया।गौरतलब है कि संजय सिंह शिवराज सिंह के साले हैं और उनकी पत्नी साधना सिंह के भाई हैं।

कांग्रेस ज्वाइन करने के बाद संजय सिंह ने कहा कि वहां परिवारवाद हावी हो रहा है और कामदारों को दरकिनार किया जा रहा है, उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं की अनदेखी करते हुए पैराशूट कैंडिडेट्स को टिकट दिया गया है।

बीजेपी नेतृत्व से नाराजगी जाहिर करते हुए संजय सिंह ने कहा- ‘शहजादों की एंट्रियां हो रही हैं और परिवारवाद एवं वंशवाद फल-फूल रहा है। परिवारवाद और वंशवाद के विरोध में जाकर हम लोगों ने लड़ाई लड़ी थी, लेकिन आज यह सबसे ज्यादा बीजेपी में ही हो रहा है।’

गौरतलब है कि मध्य प्रदेश में 28 नवंबर को होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए भाजपा ने अपने 177 उम्मीदवारों की पहली लिस्ट 2 नबंवर जारी की थी। इस लिस्ट में मौजूदा 27 विधायकों और दो मंत्रियों के टिकट काटे गए हैं। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह बुधनी से चुनाव लड़ेगे जबकि कैबिनेट मंत्री नरोत्तम मिश्रा दतिया और यशोधरा राजे सिंधिया शिवपुरी से चुनाव लड़ेंगे। बीजेपी ने अपने पूर्व मंत्री माया सिंह को टिकट नहीं दिया है  इस बार ग्वालियर पूर्व से सतीश सिकरवार को टिकट दिया गया है।

मध्य प्रदेश में विधानसभा की कुल 230 सीटें हैं। इन 230 सीटों में 35 सीट अनुसूचित जाति और 47 सीटें अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित हैं। चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक कुल पांच करोड़ तीन लाख 34 हजार दो सौ साठ मतदाता हैं जो अलग अलग दलों के उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला करेंगे।

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