उत्तर प्रदेश

यूपी की इस सीट पर कांग्रेस और सपा आमने सामने, जानिए किसका पलड़ा होगा भारी

बदायूं में आमने-सामने आई कांग्रेस और सपा, गठबंधन की ‘कवायद’ पर उठे सवाल

लोकसभा चुनाव को लेकर विभिन्न दलों द्वारा उम्मीदवारों की घोषणा करने का सिलसिला शुरू हो चुका है। कांग्रेस द्वारा गुरुवार को प्रदेश के ग्यारह लोकसभा क्षेत्रों के प्रत्याशी घोषित करने के बाद समाजवादी पार्टी ने शुक्रवार को छह उम्मीदवारों की घोषणा कर दी। पहली सूची में पार्टी संरक्षक मुलायम सिंह यादव सहित अन्य नेताओं के नाम शामिल हैं।

पार्टी के राष्ट्रीय प्रमुख महासचिव प्रो. रामगोपाल यादव की ओर से घोषित इस सूची में मैनपुरी से मुलायम सिंह यादव, बदायूं से धर्मेन्द्र यादव, फिरोजाबाद से अक्षय यादव, इटावा (सुरक्षित) से कमलेश कठेरिया, राबर्ट्सगंज (सुरक्षित) से भाईलाल कोल और बहराइच (सुरक्षित) लोकसभा क्षेत्र से शब्बीर वाल्मीकि को उम्मीदवार बनाया गया है।

बताते चले कांग्रेस के उत्तर प्रदेश में 11 सीटों पर प्रत्याशी ऐलान के 24 घंटे के अंदर ही समाजवादी पार्टी ने भी लोकसभा चुनाव के लिए 6 प्रत्याशियों का ऐलान कर दिया है. सपा प्रत्याशियों के ऐलान के साथ उत्तर प्रदेश में कांग्रेस के सपा-बसपा गठबंधन में शामिल होने की कयासबाजी पर विराम लगता दिख रहा है.

दरअसल दोनों ही पार्टियों की कैंडीडेट लिस्ट पर नजर डालें तो बदायूं की सीट पर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी आमने-सामने हैं. कांग्रेस ने जहां इस सीट पर सलीम इकबाल शेरवानी को मैदान में उतारा है.  वहीं समाजवादी पार्टी ने दिग्गज नेता धर्मेंद्र यादव को प्रत्याशी बनाया है. धर्मेंद्र यादव बदायूं से तीन बार से सांसद हैं और प्रत्याशियों की सूची आने के पहले से ही धर्मेंद्र यादव के इसी सीट से लड़ने बात तय थी. लेकिन कांग्रेस ने यहां प्रत्याशी उतारकर कहीं न कहीं ये जता दिया है कि गठबंधन को लेकर उसकी सोच साफ है, वह यूपी में अपने दम पर ही मैदान में उतरेगी.

वैसे कांग्रेस ने अगर बदायूं सीट पर प्रत्याशी उतारा तो समाजवादी पार्टी ने भी बहराइच में इसका जवाब दिया है. समाजवादी पार्टी ने बहराइच सीट से शब्बीर बाल्मीकि के नाम का ऐलान किया है. ये सीट कांग्रेस के लिए अहम है, क्योंकि एक तो पूर्वी यूपी की प्रभारी प्रियंका गांधी वाड्रा के खाते में ये सीट आती है, दूसरा पिछले दिनों ही बहराइच से बीजेपी सांसद सावित्री बाई फुले को कांग्रेस ने अपने पाले में किया है.  माना जा रहा है कि कांग्रेस बहराइच से सावित्री बाई फुले को मैदान में उतार सकती है. दरअसल सपा बसपा गठबंधन के ऐलान के बाद से ही कांग्रेस के गठबंधन में शामिल होने को लेकर तमाम खबरें आती रही हैं. वैसे तो सपा बसपा ने सम्मान के तौर पर कांग्रेस के लिए राहुल गांधी की अमेठी और सोनिया गांधी की रायबरेली सीट छोड़ी है.

सपा प्रमुख अखिलेश यादव भी लगातार कांग्रेस को दो सीटें देने की बात कहते रहे हैं. हालांकि इस दौरान कभी गठबंधन की तरफ से 9 तो कभी 15 सीटें ऑफर किए जाने की भी बात सामने आती रही है.

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