उत्तर प्रदेश

लोकमंगल ही होना चाहिए पत्रकारिता का उद्देश्य

 

आद्य पत्रकार देवर्षि नारद जयंती

हरदोई।  विषय पर गोष्ठीका आयोजन स्थानीय बंशीनगर स्थित बाबा नागेŸवर नाथ मन्दिर में किया गया। ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन के संस्थापक बालेश्वर लाल जी की पुण्य तिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि सुमन भी अर्पित किये गए।

गोष्ठी का आयोजन वन्देमातरम के गान के साथ किया गया. तत्पश्चात उपस्थित पत्रकार बंधुओं ने नारद जी, भारत माता और श्री बालेश्वर जी के चित्र पर श्रद्धा सुमन अर्पित किये।

मुख्य वक्ता ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन जिलाध्यक्ष अखिलेश सिंह ने कहा कि महर्षि नारद जी एक विशुद्व पत्रकार थे। उनकी भूमिका समाज व देवलोक में प्रमुख थी। पत्रकारिता देश के तीन स्तंभों व्यवस्थापिका, कार्यपालिका, न्यायपालिका, को संतुलित रखते हुए उन पर अंकुश लगाने का काम करती है। अत: पत्रकारिता एक सशक्त माध्यम हैं जो देश को मजबूत करता है।

गोष्ठी का संचालन करते हुए पत्रकार ऑलइंडिया प्रेस जर्नलिस्ट एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष ऋषि कुमार सैनी ने अपने संबोधन के दौरान कहा, तमाम भ्रष्ट इतिहासकारों ने नारद मुनि को विदूषक के समान समाज के समक्ष प्रस्तुत किया, जिसके पत्रकारिता के सम्मान में कमी आई. ब्रम्हा के मानस पुत्र नारद जी एक दूरदर्शी व महान पत्रकार थे। पत्रकारिता के लिए सबसे पहले राष्ट्र धर्म, फिर मानव धर्म है। उन्होने पत्रकारों का आवाहन किया कि वे निर्भीक पत्रकारिता करें। क्योंकि पत्रकार समाज का दर्पण होता हैं और इस दर्पण में देश की छवि समाज की छवि खराब नही दिखनी चाहिये।

गोष्ठी के उपस्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जिला प्रचार प्रमुख प्रभाकर गुप्ता ने कहा, वर्तमान समय में, विशेषकर कोविड महामारी में जब सोशल मीडिया का बोलबाला बढ़ गया है और फेक न्यूज़ लोगों को भ्रम में डालने का काम कर रही है, सच्ची पत्रकारिता का महत्त्व और भी बढ़ गया है. नारद जी लोक मंगल की भावना व कामना के साथ तीनों लोकों में भ्रमण कर उनका हाल समाचार लेते थे। उन्होंने आगे कहा, उस समय पत्रकारिता का उद्देश्य लोक मंगल ही था और वर्तमान में भी पत्रकारों का उद्देश्य लोक मंगल ही होना चाहिये। वरिष्ठ पत्रकार कहर मैगजीन के संपादक आनन्द गुप्ता ने कहा कि जनपद हरदोई में नारद जयंती के आयोजन विगत वर्षों में धूमधाम से मनाया जाता रहा है, लेकिन कोविड के कारण आयोजन सीमित रहा।

इस अवसर पर  गुप्ता ने सभी पत्रकार बन्धुओं को शुभकामनाएं दीं। गोष्ठी की अध्यक्षता कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता के के अवस्थी जी ने अपने संबोधन में कहा कि नारद जी देवगण, यक्ष, मनुष्य राक्षस किसी के पास, किसी भी लोक में कभी भी पहुँच जाते थे और सही सूचनाओं का आदान प्रदान करते थे। वे निर्भीक और निरपेक्ष पत्रकारिता के प्रतीक थे।

उन्होने कहा कि जिस प्रकार प्रिंट मीडिया के हाथ में कलम व कागज,इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के हाथों में कैमरा, उसी प्रकार नारद जी के हाथ में वीणा रहा करती थी। उन्होने वर्तमान समय में प्रेस से जुड़े लोगों से कहा कि पत्रकारिता को लोक कल्याणकारी बनाये। और इस शुरूआत के लिए नारद जयंती का अवसर शुभ है। कार्यक्रम का प्रारम्भ नारद मुनि व मां भारती के चित्र पर माल्यार्पण कर व दीप प्रज्जवलन करके किया गया। ग्रामीण पत्रकार एसोसियेशन के संस्थापक स्वर्गीय बालेश्वर लाल जी की पुण्य तिथि पर उनके चित्र पर सभी ने श्रद्धा सुमन अर्पित किये और ग्रामीण पत्रकारिता में उनके योगदान को याद किया ।

कार्यक्रम में प्रमुख रूप से उपस्थित रहने वालों में अधिवक्ता के के अवस्थी के अतिरिक्त, पत्रकार संजय सिंह , आनंद गुप्ता, रजनीश सिंह , नवल द्विवेदी कमल शुक्ल भी रहे। संचालन ऋषि कुमार सैनी जी ने किया।प्रत्येक वर्ष वृहद रूप से आयोजित होने वाली नारद जयंती को कोविड की वैश्विक महामारी के चलते एक गोष्ठी के रूप में सांकेतिक रूप से मनाया गया. मास्क, सेनीटाइजऱ व सामाजिक दूरी जैसे सभी प्रोटोकॉल का पालन किया गया ।  गोष्ठी का आयोजन आद्य पत्रकार देवर्षि नारद जन्मोत्सव समिति द्वारा किया गया ।

Back to top button