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झटका : चुनावी मौसम में जेल में ही रहेंगे लालू, जमानत याचिका खारिज

 

राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका, जमानत याचिका खारिज

चारा घोटाल मामले में जेल की सजा काट रहे सजायाफ्ता लालू प्रसाद यादव को बड़ा झटका दिया है। सर्वोच्‍च अदालत के मुख्य न्यायाधीश ने लालू यादव की जमानत अर्जी खारिज कर दी है. उच्‍चतम न्‍यायालय में बुधवार को सुनवाई के बाद अब यह तय हो गया है कि लालू फिलहाल रांची के जेल-अस्‍पताल में ही रहेंगे।लालू यादव ने स्वास्थ्य के आधार पर बेल की मांग की थी. सुप्रीम कोर्ट के फैसला से साफ हो गया है कि लालू यादव को जेल में ही रहना होगा. फिलहाल वह रांची के रिम्स में इलाज करा रहे हैं.

इस मामले में तीन दिन पहले सुनवाई हुई थी और 10 अप्रैल की तारीख को फैसले के लिए मुकर्रर किया गया था। आम चुनाव से पहले इसे आरजेडी की चुनावी मुहिम को झटका माना जा रहा है।

राजेडी के रणनीतिकारों को यकीन था कि सुप्रीम कोर्ट से राहत मिलने के बाद वो चुनावी समर का हिस्सा बनेंगे। जेल से बाहर आने के बाद वो निश्चित तौर पर चुनावी रैलियों में शिरकत करेंगे। अपनी वाकशैली के जरिए वो न केवल पार्टी के उम्मीदवारों के पक्ष में माहौल बना सकेंगे, बल्कि नीतीश कुमार सरकार पर प्रभावी ढंग से हमला करेंगे। लेकिन सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद आरजेडी की उम्मीदों पर पानी फिर गया है।

लालू यादव की अर्जी खारिज होने के बाद आरजेडी सांसद मनोज झा ने कहा कि लालू प्रसाद की तबीयत ठीक नहीं है, उन्हें बेहतर मेडिकल केयर की जरूरत है. मनोड झा ने कहा कि कोर्ट के फैसला हम सम्मान करते हैं, लेकिन फिर भी मैं कहूंगा कि उन्हें बेहतर इलाज की जरूरत है.

लालू प्रसाद यादव के खिलाफ मामले

  1.  चाईबासा कोषागार से 37.7 करोड़ की अवैध निकासी। इस केस में पांच साल की सजा।
  2.  देवघर कोषागार से 89.5 लाख की अवैध निकासी। इस केस में 3.5 साल की सजा
  3.  चाईबासा कोषागार से ही 30 करोड़ रुपये की अवैध निकासी। इस केस में 5 साल की सजा।
  4. चौथा मामला दुमका कोषागार से जुड़ा है। इस केस में आरोप है कि लालू प्रसाद यादव ने 3.13 करोड़ की निकासी नियमों को धता बताते हुए की थी। इस मामले में बिहार के एक और पूर्व सीएम जगन्नाथ मिश्रा समेत 29 आरोपी हैं। इस केस में अदालत ने सात सात साल की सजा सुनाई है।

बता दें कि चारा घोटाले मामले को लेकर लालू प्रसाद यादव के खिलाफ 6 प्राथमिकी दर्ज हैं, जिनमें से  एक बिहार और पांच मामले में झारखंड में दर्ज है।

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