धर्म

रमजान स्पेशल : इस पाक महीने से जुड़े वो झूठे तथ्य जिन्हें माना जाता है सच

इस समय रमजान का पवित्र महीना चल रहा है। इस माह में बड़ी संख्या में मुस्लिम धर्म के लोग रोजा रखे हुए हैं। 30 दिन तक लगातार रोजा रखने के बाद मीठी ईद को इबादत तथा जश्न के साथ इसे खत्म किया जाएगा। इस ईद में इबादत से पहले गरीब तथा जरूरतमंद लोगों को फितरा भी बांटा जाता है, इसलिए इस मीठी ईद को “ईद उल फित्र” भी कहा जाता है। आपको बता दें कि फितरा एक प्रकार का दान होता है जो रोजा पूरा होने के बाद रोजेदारों को दिया जाता है। इस बार भी रमजान के माह में पहले की ही तरह काफी रौनक है। आज हम आपको रमजान से ही सम्बंधित कुछ ऐसे तथ्य बताने जा रहें हैं। जिनको लोग सच मानते हैं लेकिन वास्तव में वे झूठ हैं। आइये जानते हैं इन तथ्यों के बारे में।

1 – रमजान में नहीं कर सकते ब्रश

 रमजान में नहीं कर सकते ब्रश 

यह बात पूरी तरह से गलत है। असल में जितने भी रोजेदार तथा नमाजी होते हैं। उन सभी के लिए “सिवाक” का नियम बताया गया है। इस नियमानुसार इन लोगों को अपने दांत साफ करने जरुरी होते हैं अन्यथा नमाज पूरी नहीं मानी जाती है।

2 – प्रत्येक मुस्लमान को रोजा रखना जरुरी

प्रत्येक मुस्लमान को रोजा रखना जरुरी 

यह बात भी सही नहीं है। असल में इस्लाम में ऐसा कोई नियम नहीं है। यदि महिला प्रग्नेंट है या आप किसी लंबे सफर पर हैं तो आपका रोजा रखना अनिवार्य नहीं है। इसके अलावा बीमार तथा बुजुर्गों को भी रोजा रखना अनिवार्य नहीं है। कुल मिलाकर आप अपनी सेहत के अनुरूप रोजा रख सकते हैं।

3 – रोजे के दौरान थूक अंदर नहीं गटक सकते

रोजे के दौरान थूक अंदर नहीं गटक सकते 

गैर-मुस्लिम ऐसा सोचते हैं कि रोजे में पानी तक नहीं पिया जाता है। ऐसे में थूक को यदि कोई रोजेदार अंदर गटक लेता है तो उसका रोजा टूट जाता होगा। परंतु वास्तव में यह बात सही नहीं है।

4 – पीरियड्स के समय टूट जाता है रोजा

पीरियड्स के समय टूट जाता है रोजा 

यह बात भी सच नहीं है। असल में इसके लिए इस्लाम में यह मान्यता है कि रमजान में महिला रोजों के दौरान जितने समय पीरियड्स से रहती है। उसे उतने समय के रोजे माफ होते हैं। अतः ऐसा सोचना की पीरियड्स के समय रोजा टूट जाता है गलत धारणा है।

5 – बालों में तेल अथवा इत्र नहीं यूज करना चाहिए

बालों में तेल अथवा इत्र नहीं यूज करना चाहिए 

रोजे के कायदों के बारे में एक धारणा यह भी है कि रमजान में किसी प्रकार के इत्र का यूज नहीं करना चाहिए। इसके अलावा बहुत से लोग यह सोचते हैं कि इस समय बालों में तेल नहीं लगाना चाहिए। यह दोनों बाते सही नहीं है। असल में जिस प्रकार से नमाज से पहले दांतों की सफाई को जरुरी बताया गया है। उसी प्रकार से शरीर की देखभाल को भी अनिवार्य बताया गया है। अतः इस माह में रोजेदार बालों में तेल तथा शरीर पर इत्र का यूज करते हैं।

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