उत्तर प्रदेश

भाजपा के लिए खड़ी हुई एक और मुश्किल, पूर्व सांसद की बेटी ने दिखाए तेवर

उत्तर प्रदेश एक ऐसा राज्य है जिसके बारे में कहा जाता है कि दिल्ली की सत्ता का रास्ता यहीं से होकर जाता है. इसकी वजह ये है कि यहाँ लोकसभा की 80 सीटें जो किसी भी अन्य राज्य की तुलना में अधिक हैं. उत्तर प्रदेश में यूँ तो सपा, बसपा, भाजपा और कांग्रेस की लड़ाई होती थी लेकिन इस बार सपा, बसपा और रालोद एक हो गए हैं. ऐसे में भाजपा के लिए मुश्किल स्थिति हो गई है. वहीँ कांग्रेस इस सीट पर कोई बहुत मज़बूत नहीं मानी जाती है.

उत्तर प्रदेश के कैराना में भाजपा के लिए कुछ और मुश्किलें भी आ गई हैं. भाजपा ए यहाँ से प्रदीप चौधरी को टिकट दिया है लेकिन इससे एक नया बवाल खड़ा हो गया है. पूर्व भाजपा सांसद हुकुम सिंह की बेटी मृगंका सिंह इस बात से नाराज़ हैं. उन्होंने इसको साज़िश क़रार दिया है. वो अपने टिकट की उम्मीद कर रही थीं और साथ ही उनके समर्थकों ने भी यही माँग की थी. कैराना में कई जगह बैनर भी लगे हैं जिसमें लिखा है,”ना कोई शक ना कोई शंका कैराना से बहन मृगांका”,”बेटी के सम्मान में कैराना मैदान में”.

मृगंका 2018 के उपचुनाव में पार्टी की प्रत्याशी थीं लेकिन महागठबंधन की उम्मीदवार के आगे वो हार गई थीं. इस बार भी इसी तरह की स्थिति न हो इसलिए भाजपा शीर्ष नेतृत्व उन्हें चुनाव नहीं लड़ाना चाहता लेकिन उनका दावा है कि उपचुनाव में जबकि महागठबंधन काफ़ी मज़बूत था तो उन्हें 40 प्रतिशत वोट हासिल हुआ था. इस बार वो दावा कर रही हैं कि अगर उन्हें पार्टी टिकट देगी तो वो बेहतर प्रदर्शन कर सकती हैं. एक समाचार चैनल से बात करते हुए मृगंका ने कहा कि ये एक साज़िश के तहत किया गया है.

उन्होंने कहा कि 2018 में यहां जो उपचुनाव हुए थे, उसमें उनको 40 फ़ीसदी से भी ज़्यादा वोट मिले थे. उन्होंने कहा कि उन्हें यक़ीन था कि उन्हें पार्टी का समर्थन और आशीर्वाद मिलेगा लेकिन ऐसा नहीं हुआ. उन्होंने कहा कि ये एक साज़िश है. उनके पिता हुकुम सिंह सात बार विधायक चुने गए थे जबकि 2014 में उन्होंने लोकसभा का चुनाव भी जीता.

Back to top button