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जय श्रीराम पर ममता ने दिया ऐसा बयान, लग जाएगी आग !

कोलकाता  । जय श्रीराम पर विवाद के बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने रविवार को इस पर भाजपा को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने जय श्रीराम का मुकाबला जय हिंद और जय बांग्ला से करने की घोषणा करते हुए अपना फेसबुक का कवर फोटो चेंज किया है। इसमें नेताजी सुभाष चंद्र बोस, भगत सिंह, राजा राममोहन राय, रवींद्रनाथ टैगोर, महात्मा गांधी, ईश्वर चंद्र विद्यासागर समेत अन्य महापुरुषों की तस्वीरें लगाई गई हैं। इसमें ऊपर लिखा गया है जय हिंद और नीचे जय बांग्ला।
इसके बाद मुख्यमंत्री ने लिखा है कि उन्हें किसी के धार्मिक रिवाज अथवा विश्वास से कोई समस्या नहीं लेकिन उसके राजनीतिक इस्तेमाल का विरोध करती हैं और करती रहेंगी। देर शाम फेसबुक पर मुख्यमंत्री ने इससे संबंधित एक बयान साझा किया है। इसमें उन्होंने कहा कि हम जनसाधारण को यह सूचित करना चाहते हैं कि भाजपा के कुछ समर्थक मीडिया के एक वर्ग के जरिए घृणा की विचारधारा फ़ैलाने का प्रयास कर रहे हैं-
तथाकथित भाजपा कार्यकर्ता मीडिया तथा तथाकथित जाली वीडियो, फर्जी ख़बरें और दुष्प्रचार करके वे गड़बड़ी फैलाना चाहते हैं तथा सच्चाई और वास्तविकता को दबाना चाहते हैं। जहां तक मीडिया का सवाल है, हमें कोई समस्या नहीं है क्योंकि यह उनकी पसंद और उनका विशेषाधिकार है। महापुरुषों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राममोहन राय से लेकर विद्यासागर तथा अन्य महान समाज सुधारकों के समय से बंगाल, मेल बंधन, उन्नति और दूरदर्शिता का आधार रहा है, मगर आज भाजपा ने विकृत विचार वाली कपट विद्या का सहारा लेकर बंगाल को बड़े ही नकारात्मक तरीके से लक्ष्य बना रखा है।
ममता ने कहा कि मेरी पार्टी का नारा जय हिन्द, वन्दे मातरम् है। वाम दलों का नारा इंकलाब जिंदाबाद है। इसी प्रकार दूसरों के अलग-अलग नारे हैं। हम एक-दूसरे का सम्मान करते हैं। जय श्रीराम का राजनीतिक इस्तेमाल करने का आरोप लगाते हुए ममता ने कहा कि जय सिया राम, जय राम जी की, राम नाम सत्य है आदि नारों का धार्मिक और सामाजिक अर्थ है। हम इन मनोभावों का आदर करते हैं। लेकिन भाजपा धार्मिक नारे, जय श्रीराम को विकृत रूप से अपनी पार्टी के नारे के रूप में काम में लगा रही है तथा इसके माध्यम से धर्म और राजनीति को एक साथ मिला रही है। यह जानबूझकर बर्बरता और हिंसा के जरिये घृणा की विचारधारा को बेचने जैसा है जिसका हम सभी को मिलजुल कर विरोध करना चाहिए।
धार्मिक नारेबाजी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अब राजनैतिक कर्मियों को नियंत्रित करने के लिए सही कार्रवाई का समय आ गया है ताकि वे तथाकथित धर्म की आड़ लेकर लोगों में मतभेद पैदा करने के लिए विकृत विचारधारा का सहारा लेकर उपद्रव, अराजकता, हिंसा तथा सामान्य जनजीवन को नष्ट करने की गतिविधियों में शामिल न होंं। यदि सभी राजनैतिक पार्टियां ऐसी विभेदात्मक और गड़बड़ी फ़ैलाने वाली गतिविधियों का सहारा लेने लगे तो पूरा वातावरण ही दूषित और अनुत्पादक हो जाएगा। हमें भाजपा के ऐसे क्रिया-कलापों का मजबूती से विरोध करना चाहिए और हम ज़रूर करेंगे ताकि हमारे संविधान में प्रतिष्ठापित देश की धर्मनिरपेक्ष विशेषता को अक्षुण्ण रख सकें।
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