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यात्रिगण ध्यान दे ! 1 मई से रेलवे लागू करेगा एक और नियम, जानिए

indian railway changed these two rules from today

भारतीय रेल आज यातायात का अहम साधन बन चुकी है आज बदलते समय के साथ देश में यातायात के अनेक साधन, जैसे- रेल, सड़क, तटवर्ती नौ संचालन, वायु परिवहन इत्यादि शामिल हो गये हैं. देशभर में ट्रेन हैं करोड़ों लोगों के जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा हमेशा से ही देश के सामाजिक-आर्थिक विकास में भारतीय रेल की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रही है.आज भारतीय रेल देशभर में यातायात का मुख्य साधन होने के साथ ही देश के जीवन का भी जरूरी हिस्सा बन चुकी है. देश भर में  रेलगाड़ियों के आवागमन ने जहां एक ओर हमारे देश की कला, इतिहास और साहित्य पर अद्भुत प्रभाव डाला है तो वहीं हमारे देश के विभिन्न प्रांत के लोगों के बीच विविधता में एकता की अहम कड़ी को भी जोड़कर रखा है.

ट्रेनें विभिन्न स्थानों को जोड़ते हुए यात्रियों को देश के एक छोर से दूसरे छोर तक बड़े पैमाने पर तेज गति से और कम लागत पर आने-जाने में मदद करती है. हम सभी में से हर किसी ने अपने जीवन ने एक बार तो ट्रेन यात्रा जरुर की ही होगी, लेकिन बावजूद इसके हमे ट्रेन से संबंधी कई जानकारियाँ नहीं पता होती है. बताते चले  भारतीय रेल अपने करोड़ों यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए नए-नए बदलाव करता रहता है.. रेल यात्री अब टिकट बुकिंग कराने के बाद अपनी यात्रा शुरू करने का स्टेशन बदल सकेंगे।

 ये होंगे बदलाव

  • 1 मई से बोर्डिंग स्टेशन को बदलने की प्रक्रिया भी पहले की तुलना में आसान हो जाएगी। पहले यात्री बोर्डिंग स्टेशन को यात्रा की तारीख से 24 घंटे पहले ही बदल सकते थे। अब रेलवे ने यात्रियों को चार्ट तैयार होने से महज 4 घंटे पहले तक यात्रा शुरू करने का स्टेशन बदलने की अनुमति देगा. वहीं, यदि आप बोर्डिंग स्टेशन में बदलाव के बाद भी यात्रा नहीं करते हैं और टिकट को कैंसल कराते हैं तो आपको रिफंड के रूप में कोई पैसा नहीं मिलेगा।

क्या कहते है रेलवे अधिकारी 

रेल अधिकारियों का कहना है कि कई बार यात्री की प्लान में अंतिम समय में बदलाव हो जाता है। इससे उनके पास टिकट कैंसल कराने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचता है। ऐसे में यात्रियों की सुविधा को देखत हुए रेलवे ने 24 घंटे की अवधि की घटाकर 4 घंटे कर दिया है। इससे टिकट कैंसल कराने की संख्या में कमी आएगी।

मौजूदा नियमों के अनुसार टिकट बुकिंग कराने वाले यात्री ट्रेन के प्रस्थान करने के समय से 24 घंटे पहले तक बोर्डिंग स्टेशन में बदलाव कर सकते थे। इसमें एक शर्त है कि यदि यात्री ने अपने बोर्डिंग स्टेशन में बदलाव कर दिया है तो फिर वह अपने पुराने बोर्डिंग स्टेशन से ट्रेन पर सवार नहीं हो सकता है। यदि रेल यात्री बोर्डिंग स्टेशन में बदलाव करने के बाद भी पुराने बोर्डिंग स्टेशन से यात्रा कर रहा है तो उसे पुराने और नए बोर्डिंग स्टेशन के बीच के अंतर के किराये का भुगतान करना होगा।

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