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भारतीय ऑफ स्पिनर ने टी-20 क्रिकेट में स्पिनरों को बताया अहम, चहल की तारीफ में पढ़े कसीदे

भारत और बांग्लादेश के बीच रविवार को तीन मैचों की टी-20 श्रृंखला का आखिरी और निर्णायक मैच नागपुर में खेला जाएगा। यह मैच भारतीय लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल के लिए खास साबित हो सकता है। दरअसल चहल टी-20 क्रिकेट में 50 विकेट हासिल करने से सिर्फ एक विकेट दूर हैं।

यदि वह बांग्लादेश के खिलाफ आखिरी टी-20 मैच में एक विकेट हासिल कर लेते हैं तो वह जसप्रीत बुमराह और रविचंद्रन अश्विन के बाद तीसरे भारतीय गेंदबाज होंगे जिन्होंने टी-20 मैच में 50 विकेट हासिल किये हैं। अश्विन के टी-20 में 52 और बुमराह के नाम 51 विकेट हैं और यदि चहल इस मैच में चार विकेट हासिल कर लेते हैं तो वह अश्विन को पीछे छोड़कर भारत की तरफ से टी-20 क्रिकेट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज बन जाएंगे।

बता दें कि तीन मैचों की टी-20 श्रृंखला में दोनों टीमें 1-1 की बराबरी पर हैं। बांग्लादेश ने दिल्ली में खेले गए पहले टी-20 में सात विकेट से जीत दर्ज की थी, जबकि राजकोट में भारतीय टीम ने 8 विकेट से जीत दर्ज कर श्रृंखला में 1-1 की बराबरी कर ली।

वही भारतीय ऑफ स्पिनर वाशिंगटन सुंदर का मानना है कि टी-20 क्रिकेट में स्पिनरों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है हालांकि इस छोटे प्रारूप में हर कोई उन्हें निशाना बनाना चाहता है। सुंदर ने बृहस्पतिवार को बांग्लादेश के खिलाफ दूसरे टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच में भारत की जीत के बाद यह बात कही। दोनों स्पिनरों युजवेंद्र चहल (2/28) और सुंदर (1/25) ने भारत की जीत में अहम भूमिका निभाई और बांग्लादेश को अच्छी शुरुआत का फायदा नहीं उठाने दिया।

सुंदर ने कहा कि क्रिकेट के सबसे छोटे प्रारूप में स्पिनरों की वास्तव में अहम भूमिका होती है क्योंकि वे गेंद की गति को नियंत्रित करते हैं। कई बार पिच से भी स्पिनरों को थोड़ी मदद मिल सकती है। चहल ने 13वें ओवर में दो विकेट लिए जिससे भारत को बांग्लादेश को छह विकेट पर 153 रन पर रोकने में मदद मिली। भारत ने लक्ष्य आसानी से हासिल करके तीन मैचों की सीरीज में बराबरी हासिल कर ली।

सुंदर ने कहा कि यह सब छोटी-छोटी चीजों को समझने से जुड़ा है जैसे बल्लेबाज किस क्षेत्र में आप पर शॉट मारने जा रहा है और इसी तरह की अन्य छोटी चीजें। निश्चित तौर पर चीजों को सरल बनाए रखना और शांतचित बने रहना महत्वपूर्ण होता है। कुछ मैचों में आपकी गेंदों की धुनाई हो सकती है लेकिन खेल के इस प्रारूप में ऐसा होता है।

रोहित की चहल को सीख
चहल ने रोहित से पूछा- आप इतने छक्के कैसे मार लेते हो? इस पर कप्तान ने कहा, “छक्के तो तुम भी मार सकते हो। इसके लिए डोले-शोले यानी मजबूत शरीर नहीं चाहिए। इसके लिए पॉवर और टाइमिंग के साथ ये भी जरूरी है कि गेंद बीच बल्ले पर लगे और स्ट्रोक्स खेलते वक्त सिर स्थिर रहे।” रोहित ने चहल को ये भी बताया कि वो इस ओवर में छह छक्के मारना चाहते थे लेकिन चौथी गेंद पर वो लंबी हिट नहीं खेल सके तो प्लान बदल दिया और एक रन लेकर काम चलाया। इसी इंटरव्यू में रोहित ने इस लेग स्पिनर से कहा कि वो कब टी-20 में पांच विकेट लेने वाले हैं। इस पर चहल ने कहा, कोशिश कर रहा हूं।

‘बल्लेबाजी के लिए अच्छी थी पिच’
मैन ऑफ द मैच रहे रोहित ने कहा, ‘‘मैंने हमेशा ही बल्ले से अच्छा प्रदर्शन करने की कोशिश की है। मुझे पता है कि राजकोट की पिच बल्लेबाजी की लिए अच्छी थी, जबकि दूसरी पारी में गेंदबाजों सही नहीं थी। मैं चाहता था कि पिच पर रुककर और ज्यादा गेंद खेलूं। 2019 अब तक बहुत अच्छा रहा है। बस इसे अच्छी सफलता के साथ खत्म करना चाहता हूं।’’ रोहित ने राजकोट टी-20 में करियर का 8वां अर्धशतक लगाया। वे 10वीं बार 75+ रन की पारी खेलने वाले दुनिया के पहले बल्लेबाज हैं। उनके बाद वेस्टइंडीज के क्रिस गेल हैं, जिन्होंने 8 बार ऐसा कारनामा किया।

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