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पर्थ : कोहली की ललकार, न ही घास का डर, और न ही अश्विन, रोहित की अनुपस्थिति का असर

पर्थ,. भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली का मानना है कि ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन और बल्लेबाज़ रोहित शर्मा की अनुपस्थिति के बावजूद आस्ट्रेलिया के खिलाफ भारत पूरी तरह मजबूती के साथ उतरेगा और उनके पास अभी भी जीत का पूरा मौका है।
अश्विन और रोहित चोटों के कारण पर्थ टेस्ट के लिये चुनी गयी 13 सदस्यीय भारतीय टीम का हिस्सा नहीं बन पाये हैं जबकि अभ्यास मैच में धमाकेदार प्रदर्शन करने वाले आेपनर पृथ्वी शॉ भी चोटिल हैं और दूसरे मैच में भी नहीं खेल सकेंगे। हालांकि मैच की पूर्व संध्या पर कप्तान विराट ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि चोटिल खिलाड़ियों की अनुपस्थिति के बावजूद भारत के पास जीत का पूरा मौका है।

विराट ने कहा,“

हमें अपने जीतने को लेकर पूरा भरोसा है और हम इसी को लेकर आगे बढ़ना चाहते हैं। हमें पता है कि आस्ट्रेलिया घरेलू परिस्थितियों में मजबूत है और पर्थ में उसकी कोशिश वापसी करने की होगी क्योंकि यहां पर तेज़ गेंदबाज़ों को ज्यादा मदद मिलती है। लेकिन हमारे पास भी बराबर मौका है।”
एडिलेड में खेले गये पहले टेस्ट में भारत 31 रन से जीता था और इस मैच में अश्विन ने छह विकेट लेकर बेहतरीन और किफायती गेंदबाजी की थी। वहीं मध्यक्रम में रोहित अच्छे स्कोरर हैं। लेकिन उनकी जगह हनुमा विहारी के खेलने की उम्मीद है। 

एक दौर था जब ऑस्ट्रेलिया, न्यू जीलैंड, इंग्लैंड की क्रिकेट की पिचों को भारतीय बल्लेबाजों की कब्रगाह कहा जाता था। खासकर ऑस्ट्रेलिया में पर्थ की पिच तो कुछ ज्यादा ही खतरनाक समझी जाती थी। पर अब दौर बदल चुका है और भारतीय कप्तान विराट कोहली ने इस बदले दौर की एक झलक दूसरे टेस्ट से पहले दिखा भी दी है। दूसरा टेस्ट पर्थ में होना है और कोहली ने पिच पर दिख रही घास पर एक ऐसा बयान दिया है जो ऑस्ट्रेलिया के आत्मविश्वास को डगमगाने के लिए पर्याप्त है।

कोहली ने कहा है कि पिच पर दिख रही घास से टीम इंडिया परेशान होने की बजाय उत्साहित है। भारतीय कप्तान ने तो उल्टे ऑस्ट्रेलिया को ही एक तरह से चुनौती देते हुए कहा है कि उन्हें उम्मीद है कि इस पिच पर घास को बने रहने दिया जाएगा।

बता दें कि भारत ने चार टेस्ट मैचों की सीरीज में ऑस्ट्रेलिया पर 1-0 की बढ़त बना रखी है। कोहली का रुख हमेशा की तरह आक्रामक बना हुआ है और उन्होंने पिच पर बयान देकर ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाजों पर मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने की कोशिश की है।

कोहली ने मैच की पूर्व संध्या पर पत्रकारों से कहा, ‘हम जीवंत पिच देखकर परेशान होने के बजाय अधिक उत्साहित हैं। हम समझते हैं कि हमार पास ऐसा गेंदबाजी आक्रमण है जो विरोधी टीम को आउट कर सकता है। उम्मीद है कि अब पिच से घास नहीं हटाई जाएगी। हम एक टीम के तौर पर इसे देखकर बहुत खुश हैं।’

भारतीय कप्तान ने कहा, ‘हमने पिच देखी और उसमें काफी घास है। इस पिच पर ऐडिलेड ओवल मैदान से ज्यादा घास है और मैं इससे खुश हूं। यह पिच गेंदबाजों के लिए अधिक मददगार साबित होगी और ऐसे में हम सकारात्मक मानसिकता के साथ दूसरे टेस्ट मैच के लिए मैदान पर उतरेंगे।’

कप्तान कोहली का यह भी मानना है कि बड़ा स्कोर खड़ा बनाने का कोई लाभ नहीं है अगर टीम के गेंदबाज अपनी भूमिका को सही तरीके से नहीं निभा सकते हैं। इसमें गेंदबाजों के लिए दोनों पारियों में 20 के 20 विकेट लेना जरूरी है।

उन्होंने कहा, ‘किसी भी टेस्ट मैच में आप तभी जीत की दावेदारी को प्रबल कर सकते हैं, जब आप 20 विकेट हासिल कर लें। आप चाहें 500 या 600 रन बनाए, उसका कोई फायदा नहीं है अगर गेंदबाज अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पा रहे हैं, लेकिन यदि गेंदबाज 20 विकेट लेने में सक्षम हैं, तो 300 रनों का स्कोर भी काफी होता है। मैं खुश हूं कि हमारे पास ऐसे अच्छे गेंदबाज हैं, जिनमें 20 विकेट लेने का जुनून है।’

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