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धोनी के ग्लव्स में दिखे इस निशान ने किया सबको हैरान, जानिए क्या है इसका मतलब

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लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल (51 रन पर चार विकेट) के विश्वकप में यादगार पदार्पण और उपकप्तान रोहित शर्मा (नाबाद 122) के दृढ़ संकल्प से भरपूर शतक की बदौलत विश्व की दूसरे नंबर की टीम भारत ने आईसीसी विश्व कप में अपने अभियान की बेहतरीन शुरुआत करते हुए दक्षिण अफ्रीका को बुधवार को छह विकेट से हरा दिया। भारत ने विश्वकप मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका को नौ विकेट पर 227 रन पर रोका और फिर 47.3 ओवर में चार विकेट पर 230 रन बनाकर विजयी शुरुआत की। चोकर्स के नाम से मशहूर दक्षिण अफ्रीका को टूर्नामेंट में लगातार तीसरी हार का सामना करना पड़ा जिससे उसकी उम्मीदों को गहरा झटका लगा। भारत की आईसीसी टूर्नामेंटों में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ यह लगातार छठी जीत थी।

भारतीय उपकप्तान ने अपने साथी ओपनर शिखर धवन और कप्तान विराट कोहली के विकेट 54 रन पर गंवाने के बाद भारतीय पारी को अपने मजबूत कन्धों पर संभाले रखा और विश्व कप का अपना दूसरा शतक बनाया। रोहित ने 144 गेंदों पर 13 चौकों और दो छक्कों की मदद से 122 रन बनाये और भारत को जीत दिलाकर नाबाद पवेलियन लौटे।  लेकिन मैच के दौरान सबसे ज्यादा चौंकाया महेंद्र सिंह धोनी के विकेटकीपिंग ग्लव्स ने. दरअसल, उनके ग्लव्स पर अनोखा निशान (प्रतीक चिह्न) देखने को मिला, जिसे हर कोई इस्तेमाल में नहीं ला सकता. दरअसल, यह बैज पैरा-कमांडो लगाते हैं। इस बैज को ‘बलिदान बैज’ के नाम से जाना जाता है।

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क्या है बलिदान बैज?

जानकारी के लिए आपको बताते चले पैराशूट रेजिमेंट के विशेष बलों के पास उनके अलग बैज होते हैं, जिन्हें ‘बलिदान’ के रूप में जाना जाता है। इस बैज में ‘बलिदान’ शब्द को देवनागरी लिपि में लिखा गया है। यह बैज चांदी की धातु से बना होता है, जिसमें ऊपर की तरफ लाल प्लास्टिक का आयत होता है. यह बैज केवल पैरा-कमांडो द्वारा पहना जाता है।

पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के ग्लव्स पर ये निशान कैसे? क्या है फैक्ट –

इंडियन क्रिकेट टीम के  के पूर्व कप्तान और दिग्गज खिलाड़ी महेंद्र सिंह धोनी को क्रिकेट में उनकी उपलब्धियों के कारण 2011 में प्रादेशिक सेना में मानद लेफ्टिनेंट कर्नल की रैंक दी गई थी. धोनी यह सम्मान पाने वाले कपिल देव के बाद दूसरे भारतीय क्रिकेटर हैं।धोनी को मानद कमीशन दिया गया क्योंकि वह एक युवा आइकन हैं और वह युवाओं को सशस्त्र बलों में शामिल होने के लिए प्रेरित कर सकते हैं। धोनी एक प्रशिक्षित पैराट्रूपर हैं. उन्होंने पैरा बेसिक कोर्स किया है और पैराट्रूपर विंग्स पहनते हैं।  महेंद्र सिंह धोनी ने प्रादेशिक सेना (टीए) की 106 पैराशूट रेजिमेंट में मानद लेफ्टिनेंट कर्नल के रूप में अपनी रैंक को साबित कर दिखाया है।

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