जरा हट के

‘क्यों उड़ाते हो मेरी बहू का मजाक, उसकी तारीफ़ आखिर मैं कैसे ना करूं’

मेरी बहु का हर कोई मज़ाक उड़ाता था! दरअसल, मेरी बहु मेरे लड़के से लम्बी चौड़ी थी! लेकिन मेरी बहु बिल्कुल अलग थी! मै कैसे ना उसकी तारीफ़ करूँ! तारीफ की वजह से अक्सर लोग उससे जलते थे! मै और मेरी पत्नी बहु को नूरी कहकर पुकारते थे! जब मैंने अपनी सम्पत्ति अपने बच्चो में बाट दिया! तो मैंने कुछ पैसा अपने पास रखा हज यात्रा के लिए!

जाहिर सी बात है मै अपनी पत्नी को हज पर ले जाने खर्चा नहीं उठा सकता था! मेरी पत्नी अपने बच्चो से कई बार कहती थी! की उसे भी हज पर जाना है वो कहते थे! माँ तू अब अंधी हो चुकी तो तुझे अब हज पर जाने की कोई ज़रुरत नहीं! दरअसल, मेरी पत्नी की आँख की रौशनी कई साल पहले चली गयी थी! मेरी पत्नी रोती थी! जब मै हज की तैयारी कर कर रहा था!

अचानक एक दिन मेरी बहु नूरी ने सबको बुलाया! उसने एक थैला मेरे बड़े बेटे को दिया जिसमे पैसा था! मेरी बहु ने अपने सारे ज़ेवर बेच कर और अपने पिता की तरफ से पायी हुई संपत्ति को बेच कर ये पैसा इकठ्ठा किया! और उसने मेरे बेटे से कहा की मेरी पत्नी के हज के लिए जाने का इंतज़ाम करे! और नूरी ने खुद भी हज पर जाने का सोचा और कहा! मेरा भी इंतज़ाम करिए! किसी ने कुछ नहीं बोला! मैंने अपनी पत्नी की आँखों में चमक देखी!

सब देखते रह गये! की जो एक बेटी नहीं कर सकती वो बहु ने कर दिखाया ! नूरी मेरी बेटी ही नहीं मेरा लड़का बन गयी! हज के दौरान नूरी ने मेरी पत्नी को अपनी पीठ पर उठाकर हज पूरा कराया! मेरी पत्नी नूरी को बच्चो की तरह पीछे से पकडे हुई थी! जैसे ही हम हज से वापस आये! मेरी पत्नी का 2004 में देहांत हो गया! फिर कुछ समय बाद 2016 में मेरी बहु की भी मृत्यु हो गयी! उसने जो हमारे लिए किया उसके लिए मै अपनी आखरी सांस तक अपनी बहु के लिए दुआ करता रहूँगा की अल्लाह हमारी बहु को जन्नत में आला दर्जा दे!

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