राजनीति

गुरु…राहुल गांधी ने तो नहीं सुनी अरदास, अब पत्नी को कैसे बनाएंगे सांसद ?

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आगामी लोक सभा चुनाव का आगाज़ हो चुका है. इस चुनाव में सियासी घमासान के बीच नेताओं की तरफ से आपत्तिजनक बयानबाजी भी तेज हो गई है। सभी पार्टियों ने चुनाव के  के मद्देनजर पार्टियों का चुनावी अभियान जारी है. अपनी जीत सुनिश्चित करने के लिए सभी दिग्गज उम्मीदवार अपने संसदीय क्षेत्रों का दिन-रात दौरा कर रहे हैं और अच्छा  माहौल बनाने की कोशिश में जुटे हैं.  इसी सब के बीच बताते चले  इस चुनाव में सभी पार्टियों के दिग्गज  नेता रैली, रोड शो, और पब्लिक मीटिंग और घर-घर जाकर लोगों से वोट मांग रहे हैं।

इस बीच आपको बताते चले पंजाब में कांग्रेस प्रत्‍याशियों के चयन की कसरत तेज हो गई है। टिकट बंटवारे को लेकर चल रही इस कशमकश में लगातार समीकरण बन और बिगड़ रहे हैं। सबसे रोचक समीकरण बठिंडा व अमृतसर सीट को लेकर है। कैबिनेट मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी डॉ. नवजोत कौर सिद्धू के अमृतसर से चुनाव लड़ने की संभावना प्रबल हो गई है। मगर कांग्रेस ने चंडीगढ़ सीट से पार्टी विधायक और राज्य में मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी को टिकट देने से इंकार कर दिया है. इस सीट से पूर्व रेल मंत्री पवन बंसल को टिकट दिया गया है. दरअसल, इस सीट पर टिकट के लिए तीन दावेदार थे जिसमें पूर्व मंत्री पवन बंसल, मनीष तिवारी और नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी नवजोत कौर सिद्धू.

पिछले दो महीने से नवजोत कौर चंडीगढ़ सीट पर लगातार प्रचार और चुनावी सभाएं कर रही थीं. उन्हें उम्मीद था कि पार्टी चंडीगढ़ से उम्मीदवार बनाएगी. माना जा रहा है कि पुलवामा हमले के बाद सिद्धू के बयान से पार्टी नेतृत्व नाराज है. टिकट कटने की एक वजह यह भी हो सकती है.

इसके अलावा नवजोत सिंह सिद्धू पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के शपथ ग्रहण समारोह में भी जाकर वहां के सेना अध्यक्ष कमर जावेद बाजवा से गले मिल थे. इस मुलाकात को लेकर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेताओं ने कांग्रेस और सिद्धू को जमकर घेरा था.

चंडीगढ़ सीट से टिकट नहीं मिलने से नाराज नवजोत कौर ने मीडिया   से कहा अब किसी और सीट से चुनाव नहीं लड़ूंगी. मेरा सपना टूट गया. पार्टी चाहेगी तो प्रचार करूंगी, टिकट को लेकर पार्टी का फ़ैसला मंज़ूर है.

कांग्रेस ने 2014 में भी पवन बंसल को इस सीट से अपना उम्मीदवार बनाया था. उन्हें बीजेपी उम्मीदवार किरण खेर से हार का सामना करना पड़ा. इससे पहले 2009 के लोकसभा चुनाव में बंसल चंडीगढ़ से चुने गए थे और उन्हें रेलमंत्री बनाया गया.

बता दें कि पंजाब की सभी 13 सीटों पर अंतिम चरण में 19 मई को मतदान होगा. वोटों की गिनती 23 मई को होगी.

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