क्राइम

बलात्कारी नारायण साईं के पापों का हुआ हिसाब, अदालत ने सुनाई उम्रकैद

बलात्कारी आसाराम बापू के रेपिस्ट बेटे नारायण साईं को सूरत की सेशंस कोर्ट ने उमकैद की सजा सुनाई है. साथ उस पर एक लाख रुपये का आर्थिक जुर्माना भी लगाया गया है. शुक्रवार यानी 26 अप्रैल को सूरत की रहने वाली दो बहनों के साथ बलात्कार के आरोप में नारायण साईं को दोषी करार दिया गया था. इस मामले में अदालत ने दोषी को सजा सुनाने के लिए 30 अप्रैल का दिन तय किया था.

गुजरात की सूरत कोर्ट में इस मामले की सुनवाई हुई. इस दौरान पीड़िता ने नारायण साईं के खिलाफ कोर्ट में ठोस सबूत पेश किए. साथ ही हर लोकेशन की पहचान की है. पीड़िता इस मामले में 52 गवाहों के बयान दर्ज करा चुकी है, जिसमें कई अहम गवाह भी हैं. जिन्होंने नारायण साईं को लड़कियों को अपने हवस का शिकार बनाते हुए देखा था या फिर इस कृत्य में आरोपियों की मदद की थी, लेकिन बाद में वो गवाह बन गए.

बता दें कि नारायण साईं और आसाराम के खिलाफ रेप के 11 साल पुराने इस केस में पीड़िता के बड़ी बहन ने आसाराम के खिलाफ मामला दर्ज करवाया था. आसाराम के खिलाफ गांधीनगर के कोर्ट में मामला चल रहा है.

गौरतलब है कि नारायण साईं के खिलाफ जैसे ही दुष्कर्म के मामले में एफआईआर दर्ज की गई. वह अंडरग्राउंड हो गया था. वह पुलिस से बचकर लगातार अपनी लोकेशन बदल रहा था. तत्कालीन सूरत पुलिस कमिश्नर राकेश अस्थाना ने नारायण साईं को गिरफ्तार करने के लिए 58 अलग-अलग टीमें बनाई और तलाशी शुरू कर दी थी.

एफआईआर दर्ज होने के करीब दो महीने बाद दिसंबर, 2013 में नारायण साईं हरियाणा-दिल्ली सीमा के पास से गिरफ्तार कर लिया गया. गिरफ्तारी के वक्त नारायण साईं ने सिख व्यक्ति का भेष धर रखा था

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