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Good News : लॉकडाउन ने झारखंड में किया कमाल, 5 दिनों में ही कोरोना हुआ आधा साफ!

रांची. झारखंड में कोरोना की दूसरी लहर में हालात अब कुछ सुधरने लगे हैं। राेज मिलने वाले संक्रमितों के साथ मौत के मामलों में भी कमी आ रही है। संक्रमण दर में भी गिरावट जारी है। राज्य में घटती संक्रमण दर की मूल वजह टेस्टिंग की संख्या में इजाफा और लॉकडाउन (स्वास्थ्य सुरक्षा सप्ताह) है। दूसरे लॉकडाउन 29 अप्रैल से 5 मई तक सात दिनों में संक्रमण दर जहां 16.45% पहुंच गई थी, वह पिछले पांच दिनों में आधी होकर 8.18% पर पहुंच गई है।

पिछले पांच दिनों में राज्य में 3.60 लाख लोगों के सैंपल टेस्ट किए गए हैं, जिनमें 29414 संक्रमित मिले। राज्य में रोज मिल रहे संक्रमितों की संख्या अब भी 6000 के अासपास है। इसका कारण यह है कि राज्य में सैंपल टेस्टिंग की संख्या बढ़ाई गई है। इधर, रांची में भी नए संक्रमितों की अपेक्षा ठीक होने वालों की संख्या बढ़ने से संक्रमण दर 22% से घटकर 6% पर पहुंच गई है। यानी यहां तिगुनी से भी ज्यादा संक्रमण दर में गिरावट आई है।विशेषज्ञों का कहना है कि 22 अप्रैल से लगे लॉकडाउन का प्रभाव अब दिखने लगा है। संक्रमण की चेन कमजोर होती जा रही है। हालांकि, खतरा अब भी बना हुआ है। इस पर पूरी तरह से रोक लगाने के लिए मास्क, सोशल डिस्टेंसिंग, वैक्सीनेशन बहुत जरूरी है।

रांची में हर 100 जांच में अब 6 संक्रमित, पहले 20 मिल रहे थे

रांची में लगातार कोरोना का ग्राफ घट रहा है। एक सप्ताह में कोरोना के केस तेजी से घटे हैं। वहीं रिकवरी रेट बढ़ा है। इस कारण संक्रमण दर भी कम हो रही है। अब प्रति 100 जांच में मात्र छह संक्रमित मिल रहे हैं। जबकि 22 अप्रैल को लगाए गए पहले लॉकडाउन से पहले प्रति 100 जांच में 20 से अधिक संक्रमित मिल रहे थे। इस खतरनाक स्थिति से रांची उबर रहा है।

तीसरे दिन भी बड़ी राहत- राज्य में नए मरीज 4365, ठीक 7531

झारखंड में लगातार तीसरे दिन मंगलवार को भी बड़ी राहत की खबर आई। राज्य में जहां 4365 नए मरीज मिले, वहीं इससे डेढ़ गुना अधिक यानी 7531 लोगों ने कोरोना को मात दी। रांची में भी जहां 583 नए संक्रमित मिले, वहीं उससे चार गुना अधिक यानी 2169 लोगों ने ठीक होकर घर लौट गए। इधर, राज्य में 103 नई मौतें हुईं। सबसे अधिक रांची में 36 की जान गई।

इधर, झारखंड को मिले 8180 रेमडेसिविर इंजेक्शन

केंद्र से झारखंड को 8180 रेमडेसिविर इंजेक्शन मिले हैं। स्वास्थ्य विभाग ने सभी डीसी को निर्देश दिया है कि 24 घंटे के भीतर इसे रिम्स समेत सभी अस्पतालों को उपलब्ध कराएं।

विशेषज्ञ बाेले- संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए लॉकडाउन जरूरी

राजधानी समेत राज्य में लगे लॉकडाउन का असर अब दिखने लगा है। लोग बेवजह बाहर नहीं निकल रहे हैं। इससे संक्रमण की चेन टूट रही है। हालांकि अभी भी स्थिति सामान्य नहीं है। सभी एहतियातों का पालन जरूरी है। झारखंड में लॉकडाउन बढ़ाना काफी जरूरी था।

-डॉ. प्रभात कुमार, संयोजक, रिम्स कोविड टास्क फोर्स

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