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आतंकियों के खात्मे पर भड़का पुलवामा, 1 जवान शहीद, सात प्रदर्शनकारी भी मरे

8 आम नागरिकों की मौत, जवान शहीद (Photo- AP)

श्रीनगर. जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में शनिवार को आतंकवादियों के खिलाफ सुरक्षा बलों की कार्रवाई को बाधित करने के प्रयास के तहत पथराव कर रहे लोगों पर हुई गोलीबारी में सात लोगों के मारे जाने की घटना के बाद इस्लामिक यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी (आईएसटी) समेत दक्षिण कश्मीर में सभी शैक्षणिक संस्थानों में कक्षाओं को शनिवार को स्थगित कर दिया गया है।
पुलवामा जिले के सिरनो गांव में शनिवार को सुरक्षाबलों और आतंकवादियों के बीच मुठभेड़ में हिजबुल के तीन आतंकवादी मारे गये और एक जवान शहीद हाे गया है। इन आतंकवादियों में सेना की नौकरी छोड़कर आतंकवादी बनने वाला जहूर अहमद ठाेकार भी है।

पुलवामा में नागरिकों के मारे जाने की घटना के विरोध में अवंतीपोरा में प्रदर्शन कर रहे लोगों को तितर-बितर करने के लिए सुरक्षा बलों को लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। घटना के तत्काल बाद ही अवंतीपोरा स्थित आईयूएसटी का मुख्य द्वार बंद कर दिया गया तथा सभी कक्षाएं स्थगित कर दी गयीं। स्थिति के नियंत्रण में आने के बाद महिलाओं और छात्रों को बस में परिसर से बाहर जाने दिया गया।
दक्षिण कश्मीर में अन्य शिक्षण संस्थानों में भी कक्षाओं को स्थगित कर दिया गया। पुलवामा में आतंकवादियों और सुरक्षा बलों के बीच मुठभेड़ के कारण सुबह से ही सभी शैक्षणिक संस्थान बंद रहे। बारामूला के सोपोर में भी छात्रों और सुरक्षा बलाें के बीच झड़पें होने की खबर है।

25 मिनट में ही खत्म हो गया एनकाउंटर

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जैसे ही ठोकेर के मुठभेड़ में फंसे होने के बारे में खबरें फैली तो लोगों ने मुठभेड़ स्थल पर जुटना शुरू कर दिया. ठोकर इसी गांव का था. तीन आतंकवादियों के मारे जाने के साथ ही मुठभेड 25 मिनट में खत्म हो गई, लेकिन सुरक्षाबल तब मुश्किल में पड़ गए जब लोगों ने सेना के वाहनों पर चढ़ना शुरू कर दिया. लोगों को चेतावनी देने के लिए हवा में गोलियां भी चलाई गईं लेकिन उससे भी उग्र भीड़ रुकी नहीं जिससे सुरक्षाबलों को उन पर गोलियां चलानी पड़ी.

3 महीने के बच्चे के पिता आबिद की मौत

सुरक्षाबलों और स्थानीय नागरिकों के बीच हुए संघर्ष में मरने वाले एक शख्स का नाम आबिद हुसैन लोन है. दक्षिणी कश्मीर का रहने वाला आबिद अभी कुछ दिन पहले ही इंडोनेशिया यूनिवर्सिटी से एमबीए करके लौटा था. आबिद ने इंडोनेशिया में ही शादी की थी और उसका तीन महीने का बच्चा है. पिछले साल ही आबिद अपनी पत्नी के साथ अपने घर पुलवामा लौटा था. उसकी मां रिटायर सरकारी टीचर हैं और भाई बेंगलुरू से एमबीए की पढ़ाई कर रहा है.

करीमाबाद के रहने वाले आबिद की मौत उस वक्त हुई जब सुरक्षाबलों के जवान आतंकियों से मुठभेड़ वाली जगह से प्रदर्शनकारियों को खदेड़ रहे थे. इस दौरान एक जवान शहीद हो गया और दो जख्मी है. आबिद के अलावा 7 और लोगों की मौत हुई है और करीब 15 लोग घायल बताए जा रहे हैं.

पुलवामा में लोगों के मारे जाने पर घाटी में शिक्षण संस्थान बंद

जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में शनिवार को आतंकवादियों के खिलाफ सुरक्षा बलों की कार्रवाई को बाधित करने के प्रयास के तहत पथराव कर रहे लोगों पर हुई गोलीबारी में सात लोगों के मारे जाने की घटना के बाद इस्लामिक यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी (आईएसटी) समेत दक्षिण कश्मीर में सभी शैक्षणिक संस्थानों में कक्षाओं को शनिवार को स्थगित कर दिया गया है।

पुलवामा जिले के सिरनो गांव में शनिवार को सुरक्षाबलों और आतंकवादियों के बीच मुठभेड़ में हिजबुल के तीन आतंकवादी मारे गये और एक जवान शहीद हाे गया है। इन आतंकवादियों में सेना की नौकरी छोड़कर आतंकवादी बनने वाला जहूर अहमद ठाेकार भी है।

पुलवामा में नागरिकों के मारे जाने की घटना के विरोध में अवंतीपोरा में प्रदर्शन कर रहे लोगों को तितर-बितर करने के लिए सुरक्षा बलों को लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। घटना के तत्काल बाद ही अवंतीपोरा स्थित आईयूएसटी का मुख्य द्वार बंद कर दिया गया तथा सभी कक्षाएं स्थगित कर दी गयीं। स्थिति के नियंत्रण में आने के बाद महिलाओं और छात्रों को बस में परिसर से बाहर जाने दिया गया।
दक्षिण कश्मीर में अन्य शिक्षण संस्थानों में भी कक्षाओं को स्थगित कर दिया गया।

पुलवामा में आतंकवादियों और सुरक्षा बलों के बीच मुठभेड़ के कारण सुबह से ही सभी शैक्षणिक संस्थान बंद रहे। बारामूला के सोपोर में भी छात्रों और सुरक्षा बलाें के बीच झड़पें होने की खबर है।

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