जरा हट के

फांसी देने से पहले जल्लाद, कैदी के कान में कहता है एक बात, जानते हैं इसका राज़?

हमारे देश का क़ानून बहुत ही अच्छा है जो जैसा करता है उसको वैसी सजा मिलती है हमारे देश में इतने कड़े कानून बने होने के बाद भी अपराध रुकने का नाम नहीं ले रहा हम लोग आये दिन अपराध की बहुत सी घटनाये सुनते है ,ये अपराधी अपराध करने से पहले ये नहीं सोचते है की इस जुर्म की सजा क्या होगी जिससे की ये कभी ऐसे अपराध कर जाते है जो की बहुत ही भयानक साबित होते है ,आज हम दी जाने वाली सजाओ में से फांसी की बात करने वाले है ये सजा इंसान का जीवन ख़त्म कर देती है आज हम जो खबर लाये है इसी से मिलती हुयी है क्या आप जानते है की जब जल्लाद किसी को फांसी देता है तो उसके कान में क्या कहता है शायद आप नहीं जानते होंगे तो आइये जाने ..

जैसा की हम सभी जानते है की हमारे कानून में कुछ ऐसे जुल्म है जिनकी सजा सजाये मौत होती है ,ये ऐसे अपराध होते है जिससे मानव समाज को बहुत बड़ी छति पहुँचती है, भारत में जब किसी अपराधी को फांसी होती है तो जल्लाद कैदी को फांसी देने से पहले उसके कान में कुछ कहता है और इसके बाद ही अपराधी को फांसी दी जाती है लेकिन क्या आपको पता है की जल्लाद कैदी के कान में क्या कहता है शायद आप नहीं जानते होंगे तो आइये आपको हम बता दे की जब फांसी दी जाती है तो जल्लाद कान में क्या कहता है !

आपको बता दे की जब कैदी को फांसी देना होता है तो कुछ समय पहले जल्लाद अपराधी के कान में माफ़ी मांगता है और कहता है कि “मुझे माफ़ कर दो भाई, मैं मजबूर हूँ”. यदि मरने वाला व्यक्ति हिन्दू हो तो जल्लाद उसको “राम राम” बोलता है वहीँ अगर मरने वाला व्यक्ति मुस्लिम हो तो जल्लाद उसको अंतिम “सलाम” बोलता है. साथ ही जल्लाद उनसे कहता है कि “मैं सरकार के हुकुम का गुलाम हूँ इसलिए चाह कर भी कुछ नहीं कर सकता”. बस इतना कह कर ही वह फांसी का फंदा खींच देता है.

Back to top button