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रिकॉर्ड बुक में दर्ज हुआ इस पूरे परिवार का नाम, जानिए किया है क्या खास काम ?

नागपुर के धुर्वे परिवार ने मुंबई में एलिफेंटा से गेटवे ऑफ इंडिया के बीच 16 किलोमीटर का फासला रिले प्रणाली से तैर कर पार करते हुए नया रिकॉर्ड बनाया. इस उपलब्धि को प्राप्त करनेवाले सुखदेव धुर्वे, पत्नी वैशाली, बेटा सार्थक तथा नौ वर्षीय बेटी तन्वी का नाम ‘एशियन बुक ऑफ रिकॉर्ड्स’ में दर्ज हो गया है.  पुलिस कांस्टेबल सुखदेव धुर्वे अंतरराष्ट्रीय तैराक हैं. उन्होंने इस उपलब्धि को हासिल करने वाला एशिया में प्रथम परिवार बनने का दावा किया है. धुर्वे परिवार का यह साहसिक अभियान रविवार को सुबह 7.52 बजे एलिफेंटा से शुरू हुआ. सार्थक धुर्वे ने इस अभियान की शुरुआत की.

ऊंची लहरों से जूझते हुए सार्थक ने 80 आर्म्स  प्रति मिनट की गति से तैराकी शुरू की. सार्थक के चार किलोमीटर तैरने के बाद उसके पिता सुखदेव धुर्वे ने कमान संभाली और वे 100 आर्म्स प्रति मिनट की गति से तैरते रहे. इस दौरान उनकी पत्नी तथा बेटी लगातार हौसला अाफजाई कर रहे थे. नौ किलोमीटर का फासला पूरा कर लेने के बाद अब वैशाली की बारी थी. उन्होंने फ्री स्टाइल से शुरुआत की. वैशाली की रफ्तार 60 आर्म्स प्रति मिनट थी.

इस परिवार में आकर्षण का केंद्र थी 9 साल की तन्वी, जिसने 11 किलोमीटर का अंतर पूरा हो जाने के बाद समुद्र में छलांग लगाई. तमाम परेशानियों से पार पाकर तन्वी ने 60 आर्म्स प्रति मिनट की गति से शेष अंतर पूरा कर लिया. तन्वी को प्राप्ति बावनकर ने बतौर पेस तैराक सहयोग किया. इस अभियान के अंतिम चरण में सुखदेव धुर्वे गेट वे ऑफ इंडिया पर दोपहर 12.25 बजे पहुंचे, जहां अधिकारियों तथा विभिन्न खेल संगठनों के अयोजकों और समाज सेवकों ने उनका स्वागत किया.

नाशिक के खेल उपनिदेशक डॉ. जयप्रकाश दुबले एवं नागपुर जिला तैराकी एसोएिशन के सचिव डॉ. संभाजी भोसले ने अभियान सफल बनाने के लिए धुर्वे परिवार को बधाई दी.  एशियन बुक ऑफ रिकॉर्ड्स के डॉ. संदीप सिंह, महाराष्ट्र एमेच्योर तैराकी एसोसिएशन की ओर से पर्यवेक्षक सुनील मयेकर, सेवानिवृत्त उप जिलाधिकारी नील लाबड़े, वामनराव दिवे धर्मादाय ट्रस्ट के सलाहकार सुधीर दिवे, धनश्री दिवे, डीआईजी (मुंबई) कृष्णप्रकाश आदि इस अवसर पर उपस्थित थे. महाराष्ट्र एमेच्योर तैराकी एसोसिएशन के अधिकारी तथा समाज सेवक विशाल भगत और ज्योति पटेल भी इस अवसर पर मौजूद थे.

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