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चुनाव से पहले एक्शन में फेसबुक, कांग्रेस से जुड़े 687 पेज किए डिलीट

चुनाव से पहले सबसे बड़ी सोशल साइट्स फेसबुक एक्शन में आ गयी है. आगामी लोग सभा चुनाव के मद्देनज़र फेसबुक ने एक बड़ा कदम उठाया है. बता दे सोशल मीडिया कंपनी फेसबुक ने भारत में कांग्रेस पार्टी से जुड़े अकाउंट के 687 पेज को हटा दिया है.  अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी की तरफ से इन पेजों को हटाने जानकारी दी गई है।

इस अलावा फेसबुक ने ने पाकिस्तानी सेना के कर्मचारियों के 103 अकाउंट को भी फेसबुक से हटाया गया है. अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी की खबर के मुताबिक फेसबुक ने बताया है कि उनकी कंपनी ने सोशल मीडिया पर अप्रमाणिक व्यवहार के चलते सोमवार को भारत की मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस से जुड़े 687 पेज और अकाउंट हटा दिए हैं.

नेथेनियल ग्लीचर ने बताया

फेसबुक के साइबर सेक्योरिटी प्रमुख नेथेनियल ग्लीचर ने बताया कि कंपनी की जांच में पाया गया है कि ये फर्जी अकाउंट थे और पार्टी के लोग अपने कंटेंट का प्रसार करने के लिए कई ग्रुप में भी शामिल हुए थे. इन अकाउंट से लोकल खबरों के अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की आलोचना के वाले पोस्ट किए जाते थे. साथ ही इन अकाउंट को चलाने वाले लोग अपनी पहचान साबित करने में असफल हुए और फेसबुक के रिव्यू के अनुसार ये अकाउंट कांग्रेस पार्टी से जुड़े हुए थे.

हालांकि उन्होंने बताया है कि कंपनी ने कंटेंट के आधार पर नहीं बल्कि इन अकाउंट के व्यवहार के आधार पर हटाया है. आपको बता दें कि देशभर में 11 अप्रैल से लोकसभा चुनाव शुरु हो रहे हैं जो कि 19 मई तक चलेंगे. 23 मई को लोकसभा चुनाव के नतीजे आएंगे. फेसबुक ने चुनाव से पहले सोशल मीडिया पर बड़ा कदम उठाया है

कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी से जब इस बारे में सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा

एक समाचार रिपोर्ट पर इस तरह त्वरित प्रतिक्रिया देना ठीक नहीं होगा। पहले हम पूरे मामले को समझ लें, उसी के बाद कुछ कह सकेंगे। हो सकता है कि जिन फेसबुक पेज का जिक्र हो रहा है वो कांग्रेस से संबंधित ही न हों।

बताते चले इसके साथ ही फेसबुक ने पाकिस्तानी सेना के इंटर-सर्विस पब्लिक रिलेशन डिपार्टमेंट के कर्मचारियों के 103 पेज, ग्रुप और अकाउंट्स को भी हटाया है. फेसबुक ने इन पर भी अप्रमाणिक व्यवहार के चलते कार्रवाई की है. फेसबुक पर पिछले कुछ समय से भारत सरकार और दुनिया भर से फर्जी अकाउंट के खिलाफ कार्रवाई करने का दबाव बढ़ रहा था. जिसके चलते फेसबुक ने यह कार्रवाई की है.

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