क्राइम

16 लोगों को इस कातिल ने लालच में पिलाया जहर, पकड़ने को करना पड़ा एनकाउंटर

बाराबंकी ज़हरीली शराब कांड का मुख्य आरोपी पप्पू जायसवाल को बुधवार तड़के मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया गया  है। जानकारी के मुताबिक पुलिस अब तक मामले में 4 लोग गिरफ्तार कर चुकी है। आपको बता दें कि सेल्समैन सुनील जायसवाल और पीताम्बर की गिरफ़्तारी मंगलवार को हुई थी। हालांकि, सरकारी ठेके का मालिक दानवीर अभी भी फरार है।

जानिए पूरा मामला

जानकारी के मुताबिक, बुधवार तड़के बाराबांकी ज़हरीली शराब कांड के मुख्य आरोपी पप्पू जायसवाल के साथ पुलिस की मुठभेड़ हो गई । मुठभेड़ के दौरान पुलिस की गोली आरोपी के पैर में लगी है। फिलहाल पुलिस ने उसे अस्पताल में भर्ती करवाया है। वहीं सरकारी ठेके के मालिक दानवीर सिंह की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है।

सरकार ने 10 लोगों की मौत की पुष्टि की

आपको बता दें कि मोहम्मदपुर खाला इलाके के रानीगंज में जहरीली शराब पीने से 16 लोगों की मौत हो गई थी जबकि 48 आसपास के अस्पतालों और केजीएमयू में भर्ती हैं. इनमें से 10 की आंखों की रोशनी चली गई है। सभी लोगों ने यह शराब सरकारी ठेके से खरीदी थी। हालांकि, सरकार ने 10 लोगों की मौत की ही पुष्टि की है। वहीं मामले में एसपी अजय साहनी ने बताया कि ठेके में मिलावटी शराब बेची जा रही थी।  ठेका मालिक दानवीर सिंह, विक्रेता पप्पू जायसवाल और मनीष सिंह के खिलाफ हत्या और जहरीली शराब बेचने से मौत की धारा में केस दर्ज किया गया है। वहीं डीएम उदयभानु त्रिपाठी ने मैजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए हैं.

मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित

इधर जहरीली शराब से हुई मौतों पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गहरा दुख जाहिर करते हुए उ मृतकों के परिवारीजनों को दो-दो लाख रुपये की सहायता दिए जाने की घोषणा की है।  मामले में प्रथमदृष्टया स्थानीय पुलिस और आबकारी विभाग की लापरवाही सामने आई है।  प्रशासन ने जिला आबकारी अधिकारी एसएन दुबे, आबकारी निरीक्षक रामतीर्थ मौर्य, सीओ रामनगर पवन गौतम और इंस्पेक्टर रामनगर राजेश कुमार सिंह सहित 15 अधिकारियों और कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है। वही मामले में सीएम योगी ने आबकारी आयुक्त की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की है, जो 48 घंटे में जांच रिपोर्ट शासन को देगी।
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