उत्तर प्रदेश

वरमाला के समय दुल्हन ने किया शादी से इंकार, बोली- सबकुछ मेरे प्रेमी का

हरदोई, जिले में बारात लेकर पहुंचा दूल्हा व अन्य बाराती उस समय सन्न रह गए जब द्वारचार की रस्म के बाद जयमाल कार्यक्रम में दुल्हन ने दूल्हें के वरमाला डालने से इंकार कर दिया। मामला पाली थाने के खानू शंकरपुर का हैं। दुल्हन के इस कदम से हड़कम्प मच गया। मामला जब थाने की चौखट पर पहुंचा तो वहां भी फैसला नहीं हो सका। दुल्हन ने दूल्हें से शादी करने से साफ इंकार कर दिया। आखिरकार दूल्हा बारात लेकर बैरंग बापस लौट गया
दरअसल, खानू शंकरपुर के रामपाल की बेटी पंचोदेवी गांव के ही किसी लड़के से प्यार करती हैं। दोनों के प्रेम-प्रसंग की जानकारी परिजनों को भी थी, लेकिन इसके बाबजूद रामपाल ने अपने बेटी की शादी कुंआडांडी में रहने वाले अपने बहनोई सुनील कुशवाहा के बेटे के साथ तय कर दी थी। इस दौरान पंचोदेवी का विरोध भी काम नहीं आया। 20 मई को दूल्हा गिरीन्द्र तय बक्त पर बारात लेकर खानू शंकरपुर पहुंचा। जनातियों ने बारात की अगवानी कर आवभगत की। उसके बाद द्वारचार की रस्म हुई। यहां तक तो सब ठीक ठाक निपट गया। इसके बाद जयमाल कार्यक्रम की बारी हैं। सोलह श्रंगार किए दुल्हन के रूप में स्टेज पर पहुंची पंचोदेवी ने दूल्हें के गले मे वरमाला डालने से अचानक इंकार कर दिया। पंचोदेवी ने सभी के सामने अपने प्रेमी से ही शादी करने की बात दोहराई, तो विवाह स्थल पर सन्नाटा छा गया।
इसी दौरान किसी ने डायल 100 को फोन कर दिया। सूचना पाकर पहुंची पुलिस दोनों पक्षों को थाने ले आई। यहां थानाध्यक्ष बीरेंद्र सिंह तोमर के सामने भी पंचोदेवी अपने प्यार के साथ मजबूती से खड़ी रही। थानाध्यक्ष के सामने उसने कहा कि वह एक लड़के से प्यार करती हैं और उसी के साथ शादी करेगीं। जब पंचोदेवी के प्रेमी को बुलावा भेजा गया तो वह दहशत की बजह से फरार हो गया। वहीं लड़की को समझाने के सारे प्रयास जब विफल हो गए तब दोनों पक्षों ने सुलह कर ली और दूल्हा गिरीन्द्र बिना दुल्हन के बारात लेकर अपने गांव लौट गया। थानाध्यक्ष के मुताबिक लड़की को उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।
Back to top button