क्राइम

एक डॉक्टर की खुदकुशी : तीनों आरोपी लेडी डॉक्टर गिरफ्तार, माँ ने खोले गहरे राज़

मेडिकल छात्रा सुसाइड केस में तीनों आरोपी डॉक्टर

नायर अस्पताल में डॉक्टर पायल आत्महत्या मामले में मंगलवार को पुलिस ने आरोपित महिला डॉक्टर भक्ति मेहर को गिरफ्तार किया था। लेकिन अब इस केस में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. डॉक्टर पायल आत्महत्या मामले में तीनों आरोपियों को पुलिस गिरफ्तार कर लिया गया है। गिरफ्तार किए गए आरोपी डॉक्टरों के नाम भक्ति मेहरा, हेमा आहूजा और अंकिता खंडेलवाल हैं। बीते मंगलवार को नायर अस्पताल के सामने आरोपितों की गिरफ्तारी को लेकर विभिन्न संगठनों सहित पीड़िता के परिजनों ने आंदोलन भी किया था.

बताते चले इस मामले में आरोपी दो अन्य डॉक्टर हेमा आहूजा और अंकिता खंडेलवाल फरार चल रहे थे। पुलिस इनकी खोज में जुटी थी और बुधवार को आखिरकार उन्हें भी दबोच लिया गया है। पायल ने 22 मई को सरकार की ओर से संचालित बीवाईएल नायर अस्पताल के हॉस्टल के अपने कमरे में फांसी लगा ली थी। वह दूसरे वर्ष की पीजी छात्रा थीं।

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आरोपियों की फाइल फोटो

 

मां ने बताया, प्रताड़ना के बारे में अकसर बताती थी पायल

पायल की मां आबिदा ने बताया कि अस्पताल में वरिष्ठ डॉक्टरों द्वारा प्रताड़ना के बारे में वह अकसर बताया करती थी. कई दफा वे मरीजों के सामने ही पायल पर फाइलें फेंक देते थे. आबिदा के मुताबिक पायल उनके समुदाय से पहली एमडी डॉक्टर होती लेकिन कॅरियर प्रभावित होने के भय से उसने वरिष्ठ साथियों के खिलाफ शिकायत दर्ज नहीं कराई.

जातीय टिप्पणी से आहत थीं डॉक्टर पायल

डॉक्टर पायल का एडमिशन आरक्षित कोटे से हुआ था. इसी बात का जिक्र कर पायल के सीनियर उन्हें प्रताड़ित करते थे. छात्रा के परिवार वालों ने इस बात की शिकायत हॉस्टल वार्डन से भी की थी. वॉर्डन ने तीनों को बुलाकर समझाया भी था कि इस तरह की मानसिक प्रताड़ना से बाज आएं लेकिन सीनियर माने नहीं.

महिला आयोग ने लिया संज्ञान

बीते मंगलवार को सूबे के मेडिकल शिक्षा मंत्री गिरीश महाजन नायर अस्पताल पहुंचकर पीड़िता डाक्टर के परिजनों से मुलाकात की थी।  राष्ट्रीय महिला आयोग ने बीते मंगलवार को इस मामले में पत्र लिखकर जांच की मांग की थी। साथ ही आयोग ने खुद को इस घटना से ‘बहुत व्यथित’ बताया। वह मामले में मुंबई स्थित टोपीवाला मेडिकल कॉलेज और बीवाईएल नायर अस्पताल को नोटिस जारी कर चुका है।

आयोग ने कहा, ‘यह बेहद चिंता का विषय है। हमने मामले की जांच का अनुरोध किया है और अभी तक हुई कार्रवाई के बारे में भी बताने को कहा है।’ इससे पहले सोमवार को महाराष्ट्र महिला आयोग ने भी मेडिकल कॉलेज के डीन को पत्र लिखकर एंटी रैगिंग पर रिपोर्ट मांगी थी।

अस्पताल में रैंगिंग से परेशान डॉ. पायल तडवी ने 22 मई को की थी आत्महत्या
उल्लेखनीय है कि नायर अस्पताल में रैंगिंग से परेशान डॉ. पायल तडवी ने 22 मई को आत्महत्या कर लिया था। इस मामले में 23 मई को आग्रीपाड़ा पुलिस स्टेशन में डॉ. हेमा आहुजा, डॉ. भक्ति मेहर व डॉ. अंकिता खंडेलवाल के विरुद्ध मामला दर्ज किया गया था। नायर अस्पताल के व्यवस्थापक ने कारवाई करते हुए सोमवार को आरोपित तीनों डॉक्टरों को नौकरी से निकाल दिया था ।
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