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बॉर्डर पर हिमाकत मत करना पाकिस्तान, भारत की ‘धनुष’ है तैनात

स्वदेशी रूप से विकसित धनुष होवित्जर तोपें मंगलवार को भारतीय सेना में शामिल होंगी। औपचारिक रूप से चार होवित्जर तोपों को शामिल किया जा रहा है। ये बोफोर्स के डिजाइन पर आधारित है और अपग्रेटेड वर्जन है। इसे कई बोफोर्स से बेहतर बताया जाता है। बोफोर्स की मारक क्षमता 29 किलोमीटर है, जबकि इसकी 38 किलोमीटर है। बोफोर्स जहां पुराने गोला-बारुद ही दाग सकता है, वहीं धनुष पुराने और नई पीढ़ी के गोला बारूद चलाने में सक्षम है।

धनुष बंदूक प्रणाली बोफोर्स होवित्जर के डिजाइन पर आधारित है। यह के-9 और एम-777 अल्ट्रा-लाइट के बाद फोर्स में शामिल होने वाली तीसरी आर्टिलरी गन है।

ये होवित्जर तोप ऑटोमेटिक सिस्टम से गोला लोड कर उसे दाग सकती है। वहीं कई घंटों तक फायरिंग कर सकती है। गोलाबारी में बढ़ावा देने के लिए इन्हें मोर्चे पर तैनात किया जाएगा।

धनुष तोप का बॉर्डर एरिया में अलग-अलग हालात और मौसम में फायरिंग कर टेस्ट किया गया। धनुष सभी परीक्षण में सफल रही है। राजस्थान के गर्म इलाकों से लेकर सियाचीन के ठंडे इलाकों में इसका परीक्षण सफल रहा।

बता दें कि भारतीय सेना ने 114 तोपों का आदेश ऑर्डनेंस फैक्ट्री दिया है। मार्च 2020 तक 18 तोपें ऑर्डनेंस फैक्ट्री उपलब्ध कराएगी।

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