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कलेजा चीर देने वाले मंजर की गवाह हैं ये आंखें, इन्होंने 43 जिंदगियां खाक होते देखी हैं..!

नई दिल्ली की अनाज मंडी में लगी आग की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि धुंए में फंसे लोग खुद को बचाने की गुहार लगाते रहे लेकिन कुछ ही पल बाद उनकी आवाजें बंद होने लगी. अपनी जान बचने की उम्मीद में कुछ लोग इमारत में इधर उधर भागने लगे. कुछ ऐसे लोग थे जिन्हें मौके पर पहुंचे फायर कर्मियों ने छत पर जाकर जान बचाई.

फैक्टरी के पड़ोस में रहने वाले चश्मदीद मोहम्मद फिरोज ने बताया कि घटना के समय अजान की आवाजें आ रही थी. वह बाहर निकला तो देखा कि पड़ोस की इमारत से धुंआ निकल रहा है. लेकिन इमारत बाहर से बंद होने की वजह से कोई अंदर नहीं जा पा रहा था. अंदर मौजूद लोग अपनी जान बचाने के लिए चिल्ला रहे थे. अंदर नहीं जा पाने की स्थिति में बाहर मौजूद लोग बाल्टी से पानी फेंक कर आग बुझाने की कोशिश करने लगे.

इसी बीच दमकल कर्मी मौके पर पहुंच गए. गली सकरी होने की वजह से फायर की छोटी गाड़िया ही अंदर पहुंच पाई. मजदूरों को फंसा देख दमकलकर्मियों ने दूसरे मकान से छत पर पहुंचे और फिर उपर के दरवाजे को तोड़कर अंदर प्रवेश कर लोगों को बचाया.

पड़ोस में रहने वाले खालिद ने बताया कि उसकी आग लगने वाली इमारत में की बात तीसरी मंजिल पर रहने वाले अफरोज से बात हुई थी. उसने बताया कि वह करीब साढ़े चार बजे सुबह तक काम करने के बाद सोने की तैयारी कर रहे थे. थोड़ी सी नींद लगी थी कि कि करीब सवा पांच बजे शोर सुनकर उसकी नींद खुल गई.

वह बाहर की ओर गया, लेकिन पूरी मंजिल पर काला धुंआ फैल हुआ था. जिसकी वजह से उसे सांस लेने में दिक्कत होने लगी. वह इमारत की उपरी मंजिल की ओर भागा. फिर दमकलकर्मियों के आने के बाद उसकी जान बच सकी.

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