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बोइंग 737 मैक्स से दहशत में दुनिया, क्यों कहा जा रहा उड़ता ताबूत?

दुनियाभर में उसी बोइंग 737 मैक्स विमानों को ग्राउंड करने की होड़ लग गई है, जिन्हें कभी खूबियों से लैस बताया गया था. दरअसल, अब ये लगभग साफ हो गया है कि बोइंग के इन विमानों में मौजूद खामियां हवाई यात्रियों के लिए जानलेवा बन चुकी हैं. पता चला है कि इथियोपियन एयरलाइंस के विमान की दुर्घटना में 157 लोगों की मौत सिर्फ एक विमान हादसा भर नहीं था, बल्कि अब इसमें इंसानी लापरवाही भी सामने आ रही है.

इससे पहले 2018 के अक्टूबर महीने में लायन एयरलाइंस का बोइंग मैक्स विमान जकार्ता से उड़ान भरने के बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया था. तब हादसे में 189 लोगों की मौत हो गई थी. उसके बाद से ही इन मैक्स विमानों की सुरक्षा पर सवाल उठने लगे थे, लेकिन आवाज उठाने वाले पायलट्स की आवाज दबा दी गई.

वैसे बोइंग 737 मैक्स पर शक और सवाल कोई नया नहीं है. अमेरिकी पायलट्स ने हाल के महीनों में ही कम-से-कम 5 बार इस विमान में गड़बड़ियों की शिकायतें की थीं. ये शिकायतें रिकॉर्ड में भी दर्ज हैं. इनमें से कुछ शिकायतें विमान के सिस्टम की उन्हीं खामियों से जुड़ी रही हैं, जिनकी वजह से पिछले साल अक्टूबर महीने में इंडोनेशियाई विमान दुर्घटना का शिकार बना था.

नवंबर 2018 में एक कमर्शियल पायलट ने शिकायत की थी कि टेकऑफ के वक्त उसके विमान में खराबी दिखी थी और इसके नतीजे में दो से तीन सेकेंड के अंदर ही एयरक्राफ्ट का अगला हिस्सा जमीन की तरफ झुकने लगा था. तब इसके ऑटो पायलट सिस्टम में दिक्कतें आई थीं. फिर जैसे ही ऑटो पायलट सिस्टम ठीक हुआ विमान सामान्य रूप से उड़ान भरने लगा.

ये घटना अक्टूबर महीने में लायन एयर के इसी बोइंग 737 मैक्स एयरक्राफ्ट की दुर्घटना के ठीक बाद हुई थी. अब पांच महीने के अंदर दो दुर्घटनाओं ने दुनियाभर की एयरलाइंस कंपनियों को 737 मैक्स को लेकर सतर्क कर दिया है.

हालांकि जांच में जुटे लोग अभी तक इस निष्कर्ष तक नहीं पहुंचे हैं कि इथोयोपियन एयरलाइंस की दुर्घटना के पीछे भी वही वजहें थीं, जिनकी शिकायत पायलट्स करते रहे हैं. फिर भी दुनिया भर की एयरलाइंस इस विमान को लेकर सतर्क हो गई हैं और 40 से ज्यादा देश इसे ग्राउंड करने की दिशा में कदम बढ़ा चुके हैं.

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