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बुक कराने जा रहे है मकान, तो पहले पढ़ ले ये खबर

घर की बुकिंग कराने जा रहे हैं, तो ये बातें जान लें

अगर आप इन्वेस्टमेंट के मूड में हैं, लेकिन रियल एस्टेट को ठीक से समझ नहीं पा रहे तो कुछ बातों का जरूर ख्याल रखें। नहीं तो आपको बिल्डर आसानी से गुमराह कर सकते हैं। रियल एस्टेट के रुझान को समझ लें। साथ ही, अपनी पसंद के कुछ प्रॉजेक्ट्स की तुलना भी कर लें। घर खरीदते वक्त आपको प्रॉजेक्ट के ग्लॉसी ब्रोशर से प्रभावित नहीं होना चाहिए। अपनी जरूरत को प्राथमिकता दें और जो बेस्ट डील दे, वहीं घर खरीदें।

जेब के अनुसार बुकिंग

जेब के अनुसार बुकिंग
सभी लोग अपनी पसंद के हिसाब से घर लेना चाहते हैं। लेकिन घर खरीदते वक्त अपने बजट का भी ख्याल रखें। ऐसा कोई घर खरीदना बिल्कुल गलत है, जिसकी कीमत आप अदा न कर सकें। कई बार ऐसा होता है कि घर पसंद आने पर लोग किसी भी तरह उसे खरीद लेते हैं और बाद में उसकी किस्त नहीं चुका पाते या फिर स्थिति बहुत खराब हो जाती है। वही घर खरीदें, जिसका बजट आपको बेवजह तनाव न दे। भविष्य के लिए भी फाइनैंशल सिक्यॉरिटी बहुत जरूरी है।

सभी चार्जेज पर दें ध्यान

सभी चार्जेज पर दें ध्यान
ज्यादातर निवेशकों को घर खरीदने की बारीकियों के बारे में पूरी जानकारी नहीं होती, जिस वजह से वे मुश्किल में पड़ जाते हैं। अक्सर लोग प्रॉपर्टी खरीदते वक्त ग्लॉसी ब्रोशर की चमक में आ जाते हैं। इन ब्रोशर में घर की कीमत के अलावा कई छुपी हुई लागत शामिल होती है, जैसे कि प्रिफरेंशियल लोकेशन चार्ज, एक्सटर्नल डिवेलपमेंट चार्ज और इंट्रेस्ट फ्री मेंटनेंस सिक्यॉरिटी चार्ज आदि। ऐसे चार्जेज के बारे में पूरी पड़ताल कर लेनी चाहिए, जिससे बाद में कोई दिक्कत न हो।

गलती से बचें

गलती से बचें
बिल्डर के कहे में आने के बजाय अपने विवेक का इस्तेमाल करें। अगर आपको किसी घर को देखकर कुछ ज्यादा ही दिलचस्पी दिखाते हैं तो भी बिल्डर आपसे मनमानी रकम वसूलने की कोशिश करता है। हो सकता है कि किसी प्रॉपर्टी को देखकर आपको लगे कि अब इससे बेहतर और कुछ नहीं है। तो भी हड़बड़ी न दिखाएं। घर खरीदते वक्त मौजूद सभी विकल्पों पर विचार करें।

कनेक्टिविटी पर फोकस

कनेक्टिविटी पर फोकस
घर खरीदते समय हमें यह भी ध्यान रखना चाहिए कि वह इलाका कैसा है, ट्रांसपोर्ट की सुविधा कैसी है, पास में बाजार, स्कूल और अस्पताल हैं या नहीं।

पेपर्स की जरूर करें जांच

पेपर्स की जरूर करें जांच
घर खरीदते वक्त संबंधित दस्तावेजों की जांच बेहद जरूरी है। ऐसे खास कागजात हैं: बिल्डिंग प्लान का अप्रूवल, सेल डीड, जमीन के मालिकाना हक के कागजात आदि। हाउसिंग प्रॉजेक्ट की लैंड ओनरशिप और बिल्डिंग परमिट की जांच भी जरूर कर लेनी चाहिए।

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