उत्तर प्रदेश

यूपी कोरोना के खिलाफ मजबूती से लड़ रहा लड़ाई : मुख्यमंत्री योगी

झांसी मंडल के कोविड प्रबंधन से मुख्यमंत्री संतुष्ट

– मुख्यमंत्री ने झांसी में किया गांव का औचक निरीक्षण, एएनएम से पूछे सवाल
– आगामी एक जून से सभी जिलों में 18 से 44 वर्ष तक के लोगों का होगा वैक्सीनेशन

लखनऊ, :  प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को झांसी के दौरे पर पहुंचे। झांसी पहुंचकर मुख्यमंत्री ने सबसे पहले कलेक्ट्रेट में इंटीग्रेटेड कोविड कमांड सेंटर का निरीक्षण किया। इसके बाद उन्होंने झांसी के साथ ललितपुर और जालौन जिले के कोविड प्रबंधन की समीक्षा की। जिसमें उन्होंने पाया कि उक्त सभी जिलों ने कोरोना से लड़ने में अच्छा कार्य किया जा रहा है। जिसके चलते मंडल में कोरोना संक्रमित केसों की संख्या कम हुई है। मुख्यमंत्री ने मंडल में 15 और झांसी में स्थापित किए जा रहे 6 नए ऑक्सीजन प्लांट जल्द से जल्द तैयार करने के निर्देश भी दिए। यह भी कहा कि कोरोना संक्रमित गंभीर मरीजों को लेकर किसी तरह की लापरवाही न बरती जाए। हर व्यक्ति का बेहतर से बेहतर इलाज किया जाए। यूपी कोरोना के खिलाफ मजबूती से लड़ाई लड़ रहा है, जिसके चलते ही 22 दिनों में दो लाख 26 हजार से भी अधिक सक्रिय मरीज ठीक हुए हैं।

राज्य में कोविड प्रबंधन की कमान संभालते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कोरोना संक्रमण के खतरे की परवाह ना करते हुए जिलों का दौरा कर रहे हैं। राज्य के 11 मंडलों का दौरा करने के बाद रविवार को मुख्यमंत्री झांसी पहुंचे। यहां उन्होंने जनप्रतिनिधियों के साथ झांसी मंडल के सभी जिलों में कोरोना प्रबंधों को लेकर किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की। इस बैठक में मुख्यमंत्री ने झांसी मेडिकल कॉलेज में 500 बेड की सुविधा बहुत जल्द शुरू किए जाने को लेकर सकारात्मक रुख अपनाया। झांसी मेडिकल कॉलेज में 500 बेड का स्ट्रक्चर पूरी तरह से तैयार खड़ा है, करीब 70 करोड़ रुपए के निवेश के साथ ही अस्पताल शुरू हो जाएगा। जल्द ही झांसी को इस अस्पताल का तोहफा मिलेगा। इस समीक्षा बैठक के बाद मुख्यमंत्री चित्रकूट धाम मंडल की समीक्षा करने के लिए बांदा गए।

इसके पूर्व मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से वार्ता की। पत्रकारों से बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सेकंड वेव के बारे में यह कहा जाता था कि यह प्रदेश सबसे बड़ा कोरोना ग्रस्त प्रदेश बन जाएगा, यहां 25 अप्रैल से 10 मई के बीच प्रतिदिन एक लाख केस आएंगे। लेकिन हमने इस संक्रमण से सफलतापूर्वक लड़ाई लड़ी और यह समस्या नहीं आने दी। आज कोरोना वॉरियर्स और जनता के सहयोग से हम मजबूती से कोरोना के खिलाफ इस लड़ाई को लड़ रहे हैं। प्रदेश में 24 अप्रैल को सबसे ज्यादा 38 हजार केस सामने आए थे। आज प्रदेश में यह संख्या घटकर चार हजार पहुंच गई है। वहीं एक्टिव केस की संख्या तीन लाख 10 हजार से घटकर 84000 तक पहुंच गई है। हम लोगों ने पिछले 22 दिनों के अंदर दो लाख 26 हजार से भी अधिक सक्रिय मरीजों को ठीक किया।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि हम आगामी 1 जून से प्रदेश में सभी को वैक्सीन देने का कार्य करने जा रहे हैं ,अभी तक सिर्फ 18 से 44 वर्ष तक के लिए मंडलों और 23 जिलों में वैक्सीनेशन का कार्यक्रम चल रहा था, अब सभी 75 जनपदों में इस कार्यक्रम को चलाने के निर्देश दिए गए हैं। गांव गांव में ये वैक्सीनेशन कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से आगे बढाने के निर्देश भी दिए गए हैं।
हमारा प्रयास हर व्यक्ति के जीवन के साथ आजीविका को बचाना है। हम उसी दिशा में कार्य कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने लोगों से यह अपील भी की है कि सभी लोग कोविड नियमों का पालन करें। हाई रिस्क कैटेगरी के लोग इसे पालन अवश्य करें। मुख्यमंत्री ने कहा है कि अगर हम नियमों का पालन करेंगे तो हर गांव,हर कस्बा,हर जनपद,और प्रदेश इस महामारी के खिलाफ जीत हासिल करेगा।
—————
मुख्यमंत्री ने एक गांव का किया औचक निरीक्षण
झांसी में कोरोना की कोरोना की समीक्षा बैठक करने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सीधे विकासखंड बड़ागांव के ग्राम पंचायत गांधी नगर पहुंचे। उन्होंने वहां मौजूद स्वास्थ्य विभाग की एएनएम तथा निगरानी समिति के सदस्यों से कोरोना की स्थिति के बारे में बातचीत की। मुख्यमंत्री ने एएनएम से दी जाने वाली दवाओं के बारे में जानकारी ली और एएनएम से कई सवाल किए। मुख्यमंत्री ने पूछा कि कोरोना मरीजों को दवा देने के बाद उनका फॉलोअप कैसे किया जाता है, किस अधिकारी को रिपोर्ट दी जाती है। सवालों के जवाब से संतुष्ट मुख्यमंत्री ने गांव में हो रहे कार्यों पर प्रसन्नता जताते हुए सभी को बधाई दी। उन्होंने कहा कि आपस में होड़ रखें कि कौन सा गांव सबसे पहले अपने यहां कोरोना मुक्त गांव का टैग लगाएगा। मुख्यमंत्री ने इस बात पर भी विशेष बल दिया कि बाहर से आने वाले लोगों का अनिवार्य रूप से एंटीजन टेस्ट तथा आरटी पीसीआर टेस्ट कराया जाए। गांव में सैनिटाइजेशन समय-समय पर किया जाता रहे। इसके अलावा जो भी संक्रमित मरीज अभी तक मिले हैं, उन्हें दी जाने वाली दवाओं को सुचारु रखा जाए तथा उनकी स्थिति से अपडेट रहा जाए।

Back to top button