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चिदंबरम ने खोला राज़, बताया गरीबों के खाते में कैसे डालेंगे 72 हजार

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने बड़ा चुनावी वादा किया है. मोदी सरकार को सत्ता से हटाने के लिए कांग्रेस वार्किंग कमेटी की बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राहुल गांधी ने न्यूनतम आय गारंटी योजना का ऐलान किया और कहा कि अगर उनकी सरकार आती है तो गरीब परिवारों को सालाना 72 हजार रुपये मिलेंगे. राहुल ने कहा कि अगर आपकी आमदनी 12 हजार रुपये से कम है, तो हम आपकी आय 12000 रुपये तक पहुंचाएंगे. यानी अगर आपकी आय 8000 रुपये है तो सरकार की ओर से आपको 4000 रुपए दिए जाएंगे.

राहुल गांधी ने कहा कि हम गरीबी मिटाकर ही दम लेंगे. हालांकि जब उनसे यह पूछा गया कि आखिर ये संभव कैसे हो पायेगा तो उन्होंने कहा कि इसका तरीका कांग्रेस नेता और पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम बताएंगे. बता दें कि 31 जनवरी को छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने हर गरीब व्यक्ति के बैंक खाते में न्यूनतम आमदनी देने का ऐलान किया था. तब राहुल गांधी ने कहा था कि 2019 का चुनाव जीतने के बाद कांग्रेस पार्टी देश के हर गरीब को न्यूनतम आमदनी देगी. और आज न्यूनतम आय की गारंटी का कार्ड खेलकर राहुल गांधी ने बजट से पहले केंद्र सरकार को बैकफुट पर ला दिया है.

जानिए क्या है NYAY स्कीम

लोकसभा चुनाव 2019 के लिए कांग्रेस के सबसे बड़े मास्टरस्ट्रोक ‘NYAY’ स्कीम को लागू करने के तरीके पर बुधवार को पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की. पूर्व वित्त मंत्री ने समझाया कि इस योजना को लागू करने में कोई मुश्किल नहीं आएगी, क्योंकि इसको लेकर हमने मंथन किया है. उन्होंने बताया कि अगर इस योजना को लागू किया जाता है तो 5 करोड़ परिवारों को लाभ मिलेगा. पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने कहा कि हम लोग देश की 20 फीसदी गरीब जनता को इस योजना के तहत फायदा पहुंचाएंगे, जिसके तहत करीब 25 करोड़ लोगों को फायदा होगा.

उन्होंने कहा कि हमने हर स्तर पर इसको लेकर मंथन किया है, इसके तहत हर महीने एक परिवार को 6000 रुपये प्रति महीना यानी 72000 रुपये सालाना दिया जाएगा. चिदंबरम ने कहा कि इसको लेकर हमने कई अर्थशास्त्रियों से बात की और हर किसी ने इसपर सहमति जताई.

उन्होंने कहा कि इस तरह की योजना 30-40 साल पहले लागू नहीं की जा सकती थी. कांग्रेस की सरकार ने 1991 में जो लिब्रेलाइजेशन किया उसकी वजह से आज ये स्थिति हुई है कि इस तरह की स्कीम को लागू किया जा सके.

पूर्व वित्त मंत्री ने कहा कि भारत की जीडीपी लगातार बढ़ रही है और अगले पांच साल में इसके दोगुने होने की संभावना है. ऐसे में इस स्कीम को पूरा करना संभव है. उन्होंने बताया कि 2019 से 2024 तक भारत की जीडीपी 200 से 400 लाख करोड़ तक पहुंच जाएगी. NYAY स्कीम लागू करने से भारत की जीडीपी का डेढ़ फीसदी खर्च आएगा.

1991 के बाद मजबूत हो गई है अर्थव्यवस्था

पी चिदंबरम ने कहा कि न्याय योजना को लेकर हमने अर्थशास्त्रियों से सलाह ली गई है कि कैसे इस योजना को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। चिदंबरम ने कहा, इस तरह की योजना 30-40 साल पहले लागू नहीं की जा सकती थी। 1991 में सराकार ने उदारीकरण किया उसकी वजह से अर्थव्यवस्था मजबूत हुई और आज ये स्थिति है कि इस तरह की स्कीम को लागू किया जा सके। पी चिदंबरम ने कहा कि हम देश के 20 फीसदी सबसे गरीब परिवारों की पहचना करेंगे, साथ ही घोषणा पत्र में भी इस योजना को शामिल करेंगे।

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