सेहत

मुर्गे की टांग पर मरने वाले भी होंगे इस सच्‍चाई से अंजान, जरूर जान लें वरना..

 

इस दुनिया में ऐसे कई लोग मिल जाएंगे जो नॉनवेज खाना पसंद करते हैं और कुछ लोग ऐसे भी मिल जाएंगे जो शुद्ध शाकाहारी हैं। लेकिन आज हम आपको उन लोगों के बारे में बताने जा रहे हैं जो नॉनवेज खाने के शौकीन हैं। जी हां आपको बता दें कि जो लोग नॉन वेजिटेरियन खाना पंसद करते हैं ये खबर विशेषकर उनके लिए ही हैं। जी हां आपको बता दें कि नॉनवेज खाने वाले लोगों में से जो लोग चिकन खाना बेहद ज्‍यादा पसंद करते हैं तो उनसे पूछा जाए कि चिकन में आपको सबसे ज्‍यादा क्‍या पसंद है तो लोग बड़ी आसानी से कहेंगे मुर्गे की टांग जी हां क्‍योंकि ये अक्‍सर लोगों का फेवरेट माना जाता है लोग इसे बड़े ही चाव से खाते हैं।

ये बात सच है कि चिकन खाने वाले सभी लोग अन्‍य पीस की तुलना में मुर्गे की टांग खाना ज्‍यादा पसंद करते हैं वहीं आज हम आपको बताने जा रहे हैं नॉन वेजिटेरियन खाने वाले लोगों को कि मुर्गे की टांग खाने के कितने जबरदस्त फायदे होते हैं। जो शायद बहुत ही कम लोग जानते हैं। वहीं ये बात भी सच है कि चिकन में पाए जाने वाले पोषक तत्व ट्राइप्टोफन और विटामिन बी5 के सेवन से तनाव में राहत मिलती है। ये दोनों ही शरीर को अंदर से शांत करते हैं।

यदि आप चिकन खाते हैं तो आपने महसूस भी किया होगा कि तनाव होने पर आपने चिकन खाया तो आपको आराम मिला। चिकन का स्वाद आपका तनाव दूर करने के साथ ही खुशी का अहसास कराता है। चिकन खाने से हमारे शरीर को ताकत मिलती है ये तो हम सभी जानते होंगे। लेकिन मुर्गी की टांग खाने से हमे जो शक्ति मिल सकती है उसके बारे में शायद ही आपको किसी ने बताया हो।

आपको बता दें कि मुर्गें की टांग में कैलोरी बेहद ही ज्‍यादा मात्रा में पाई जाती है वहीं ये भी बताया जाता है कि मुर्गें की टांग से ऊपरी त्वचा को हटा दिया जाये तो इसमें 106 कैलोरी होती है, जबकि स्किनलेस चिकन लेग में 176 कैलोरी होता है। वैसे आपको बता दें कि सिर्फ चिकन के अलावा उसका कई व्यंजनो में प्रयोग किया जाता है लेकिन देखा जाए तो औसत नॉन वेजिटेरियन प्रतिवर्ष 90 पाउंड चिकन खाते हैं जिसमें चिकन के अन्‍य पीस की तुलना में मुर्गे की टांग खाने के फायदे बहुत ज्यादा होते हैं। बताते चलें कि मुर्गे की टांग में कुछ वसा भी होती है।

यह वसा विटामिन और ऊर्जा प्रदान करती है। चिकन में विटामिन बी6 अधिक मात्रा में पाया जाता है। विटामिन बी6 दिल के दौरे से सुरक्षा प्रदान करता है। विटामिन बी6 ही होमोसिस्टाइन के स्तर को कम करता है। होमोसिस्टाइन के बढ़ने से दिल के दौरे का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा चिकन में नियासिन भी पर्याप्त मात्रा में होता है जो बेड कोलेस्ट्रॉल को कम करता है।

बताया तो ये भी जाता है कि चिकन में पाया जाने वाला रेटनोल, अल्फा और बीटा केरोटीन, लाइकोपिन और विटामिन ए आंखों की रोशनी को तेज करता है। इसके अलावा चिकन में मौजूद विटामिन ए आंखों में होने वाली विभिन्न समस्याओं से बचाव करता है।

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