जरा हट के

नई दुल्हन ने किया ऐसा कांड कि सदमे में पूरा परिवार, अब तक चौदह बार…!

उत्तर भारत के अखबारों में अक्सर लुटेरी दुल्हन की खबरें छपती रहती हैं, अखबारों के इन्हीं कटिंग को लेकर डायरेक्टर अभि‍षेक डोगरा ने एक फिल्म बनाई थी ‘डॉली की डोली’। फिल्म तो लोगों को पसंद आई ही थी, साथ ही फिल्म में डॉली का किरदार भी लोगों को अच्छा लगा था। लेकिन जरा सोचिए जिस घर में नई नवेली दुल्हन ऐसा कांड कर जाए उस घर में कैसा माहौल होगा।

जी हां, देश भर से कई ऐसे वाक्ये सामने आ चुके हैं, जिसमें पहले तो एक लड़की बहू बनकर घर में आती है। सारी रस्में निभाती है और फिर मौका पाते ही घर के महंगे सामान और गहने चुरा कर भाग जाती है, और फिर कहलाती है लुटेरी दुल्हन।

 

लुटेरी दुल्हन

कोटा की रहने वाली एक लड़की वंदना एक ऐसी ही लुटेरी दुल्हन है, जिसने एक नहीं, दो नहीं बल्कि अब तक चौदह बार शादियां की हैं। जी हां, जहां हर लड़की का सपना शादी कर अपना घर बसाने का होता है, वहीं ये लुटेरी दुल्हन है जिसका सपना शादी कर अपने ही दुल्हे को लुटने का है। ये शादी के बाद बकायदा अपने दूल्हे के घर जाती थी। सुहागरात के दिन ही घर के सारे महंगे सामान और गहने लूटकर चंपत हो जाती।

मजे की बात तो ये है कि फिल्म डॉली की डोली की ही तरह इस कांड में भी वंदना अकेली नहीं है, बल्कि इनकी पूरी एक गिरोह है। और वंदना इस गिरोह में अकेली लड़की भी नहीं है, इसमें और भी लड़कियां शामिल हैं। अब तक कई लोग इस गिरोह के झांसे में फंस चुके हैं। गिरोह का सरगना नसीराबाद निवासी गफ्फार मध्यप्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ की महिलाओं और लड़कियों के साथ मिलकर ये काम कर रहा था। लुटेरी दुल्हन के इस गिरोह के कई सदस्य पुलिस के हत्थे चढ़ चुके हैं लेकिन पुलिस अब तक वंदना को नहीं तलाश कर पाई है।

गिरोह का सरगना गफ्फार वंदना के ज़रिये उन ज़रुरतमंदों को फंसाता था, जो शादी के इच्छुक होते थे। गिरोह के शिकार होने वाले दो पीड़ितों के बयान के मुताबिक पहले सरगना उन्हें लड़कियां दिखाता, फिर सिंदूर और माला पहनवा कर शादी का नाटक किया जाता। बाद में लड़की सुहागरात के अगले दिन घर के जेवर व अन्य कीमती सामान समेट कर फरार हो जाती। गिरोह का सरगना रिश्ता कराने की एवज में डेढ़ से दो लाख रुपए पहले ही वसूल कर लेता था।

पुलिस के अनुसार गिरोह का शिकार बने पीड़ित ने बताया कि दूर के रिश्तेदार ने उससे संपर्क कर सुंदर और सुशील लड़की से शादी कराने का वादा किया था। जिसने उसे एक गेस्ट हाउस में बुलाया, जहां आठ युवतियां और एक महिला भी थी। वंदना नामक युवती से उसकी शादी करीब 1 लाख 50 हजार रुपए में तय कर दी। सबकुछ तय होने के बाद इन लोगों ने माला और सिंदूर मंगवा कर वहीं पर शादी की रस्म पूरी कर दी। सुहागरात के मौके पर वंदना ने बहाना बनाकर कैलाश को खुद से दूर रखा। सुबह वह नींद से उठा तो वंदना गायब थी और बाद में पता चला कि वंदना उसके दिए हुए सोने-चांदी के जेवर भी साथ ले गई।

इसलिए अगर आप भी ऐसे ही किसी गिरोह के झांसे में आ रहे हैं, तो हो जाइए सावधान। क्योंकि बाद पछताए होत क्या जब चिड़िया चुग गई खेत….

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