ख़बरदेश

मोदी सरकार 2.0 का बजट : जब लोकसभा में सीतारमण ने पढ़ा शेर, कहा-“यक़ीन हो तो कोई रास्ता निकलता है.”..

जब लोकसभा में दिखा वित्त मंत्री का शायराना अंदाज, 'यकीन हो तो...'

मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का पहला बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में कई नई योजनाएं शुरू करने की घोषणा की।  इस बीच बजट भाषण की शुरुआत वित्त मंत्री ने जनता का धन्यवाद देकर की। मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का यह पहला बजट है। बजट भाषण के दौरान वित्त मंत्री का शायराना अंदाज देखने को मिला। उन्होंने बजट भाषण के बीच में एक शेर पढ़ा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, ‘यक़ीन हो तो कोई रास्ता निकलता है, हवा की ओट भी ले कर चराग जलता है’. ये शेर मशहूर शायर मंजूर हाशमी का है. बजट भाषण केे दौरान वित्त मंत्री ने संस्कृत में भी श्लोक पढ़ा.

बिजली के लिए लागू होगी ‘वन नेशन वन ग्रिड’ योजना

सीतारमण ने सभी राज्यों को बिजली ग्रिड से बिजली उपलब्ध कराने के लिए वन नेशन वन ग्रिड योजना शुरू करने की घोषणा की। इस योजना में सभी राज्यों को एक ही ग्रिड से बिजली देने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि 2022 तक सभी गांवों तक बिजली पहुंचा दी जाएगी। इसके साथ उन्होंने रेलवे, ग्रामीण विकास, स्वच्छता अभियान, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम सहित कई सारी पूर्व में संचालित योजनाओं के लिए बजट में धनराशि आवंटन की घोषणा की। साथ ही सीतारमण ने वर्ष 2018-2019 में सरकार की कई योजनाओं जो पूरी हुईं, उनकी जानकारी दी।

वित्तमंत्री ने कहा कि पिछले पांच सालों में हमने दिवालिया कानून जैसे सुधार देखे हैं। इसके अलावा आम लोगों की चिंता के लिए भी योजनाएं चलाई गईं। गरीब महिलाओं की रसोई में गैस सिलेंडर पहुंचाए गए और किसानों की चिंता की गई। पीएम नरेन्द्र मोदी की पहली सरकार परफॉर्मिंग गवर्नमेंट रही है। 2014 से 2019 के दौरान हमने केंद्र एवं राज्य के संबंधों को नई ऊंचाइंया दीं।

इसी वर्ष 30 खरब डॉलर की होगी भारतीय अर्थव्यवस्था

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में शुक्रवार को वर्ष 2019-20 का आम बजट पेश करते हुये कहा कि गांव, गरीब और किसान मोदी सरकार के केन्द्र बिन्दु हैं और देश की अर्थव्यवस्था इसी वर्ष 30 खरब डॉलर की हो जायेगी।  सीतारमण ने 49 वर्षाें के बाद एक महिला वित्त मंत्री के रूप में अपना पहला आम बजट पेश करते हुये कहा कि वर्ष 2014 में देश की अर्थव्यवस्था 1़5़ 8 खरब डॉलर की थी जो वर्ष 2019 में बढ़कर 2़7 खरब डॉलर की हो गयी है और इसी वर्ष यह 30 खरब डॉलर की हो जायेगी। अगले कुछ वर्षाें में भारतीय अर्थव्यवस्था के 50 खरब डॉलर के बनने की उम्मीद जताते हुये उन्होंने कहा कि 55 वर्षाें में यह 10 खरब डॉलर पर पहुंची थी। पिछले कुछ वर्षाें में अर्थव्यवस्था के विकास में जबरदस्त तेजी आयी है।

उन्होंने कहा कि 50 खरब डॉलर की अर्थव्यवस्था तक पहुंचने का लक्ष्य, बुनियादी ढ़ांचे में भारी निवेश, डिजिटल अर्थव्यवस्था, रोजगार सृजन ,नागरिकों की आशाओं, विश्वास और आकांक्षाओं से परिपूर्ण है। उन्होंने कहा कि गांव , गरीब और किसान इस सरकार की सभी योजनाओं के केन्द्र बिन्दु हैं अौर उन्हें ध्यान में रखते हुये की कार्ययोजनायें बनायी जा रही है। उन्होंने हर तरह की कनेक्टिविटी को अपनाये जाने का हवाला देते हुये कहा कि 80,250 करोड़ रुपये की लागत से 1.25 लाख किलोमीटर सड़क को प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तीसरे चरण में उन्नत किया जायेगा। 97 प्रतिशत गाँवों को बारह-मासी सड़क से जोड़ा गया है, शेष गाँवों को इसी साल जोड़ने का लक्ष्य है।
उन्होंने महात्मा गांधी की 150 वीं जयंती पर अंत्योदय को सरकार का लक्ष्य बताते हुये कहा कि प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत 1.5 करोड़ मकान बने, 2019-20 से 2021-22 के बीच 1.95 करोड़ मकान बनाने का लक्ष्य रखा गया है।

नेशनल ट्रांसपोर्ट कार्ड का ऐलान

वित्त मंत्री ने सरकार की तरफ से नेशनल ट्रांसपोर्ट कार्ड का ऐलान किया गया है। जिसका इस्तेमाल रेलवे और बसों में किया जाएगा। इसे रूपे कार्ड की मदद से चलाया जा सकेगा, जिसमें बस का टिकट, पार्किंग का खर्चा, रेल का टिकट सभी एक साथ किया जा सकेगा। इसके साथ ही  MRO का फॉर्मूला अपनाने की बात कही है। जिसमें मैन्यूफैक्चरिंग, रिपेयर और ऑपरेट का फॉर्मूला लागू किया जाएगा।

गांव-गरीब

  1. 2022 तक सभी को आवास का लक्ष्य। 1.95 करोड़ मकानों का निर्माण होगा। इनमें टॉयलेट और बिजली और रसोई गैस कनेक्शन दिए जाएंगे।
  2. जल शक्ति मंत्रालय 2024 तक हर घर को जल सुनिश्चित करेगा। 97% लोगों को हर मौसम में सड़क मिली।
  3. अगले पांच साल में पीएम ग्राम सड़क योजना के तहत 1.25 लाख किमी सड़क का निर्माण होगा। इस पर 80250 करोड़ रु. खर्च किए जाएंगे।
  4. गांवों को बाजार से जोड़ने वाली सड़कों को अपग्रेड किया जाएगा। स्वच्छता अभियान के तहत अब हर गांव में कचरा प्रबंधन की व्यवस्था होगी।

किसान

  • 10 हजार नए किसान उत्पादक संगठनों का अगले 5 साल में निर्माण किया जाएगा।
  • जीरो बजट खेती पर जोर दिया जाएगा। खेती के बुनियादी तरीकों पर लौटना इसका उद्देश्य है। इसी से किसानों की आय दोगुनी करने का लक्ष्य पूरा होगा।
  • खाद्यानों, दलहनों, तिलहनों, फलों और सब्जियों की स्व-पर्याप्तता और निर्यात पर विशेष रूप से जोर दिया गया।

व्यापारी-उद्योग

  • हवाई क्षेत्र, मीडिया, एनिमेशन, बीमा क्षेत्र में एफडीआई बढ़ाने की संभावनाएं खोजी जाएंगी।
  • मध्यवर्ती बीमा संस्थाओं में 100% एफडीआई की इजाजत।
  • रिटेल सेक्टर को बढ़ावा। सिंगल ब्रांड रिटेल में निवेश मानक आसान किए जाएंगे।
  • स्टैंड अप इंडिया स्कीम के तहत महिलाओं, एससी-एसटी उद्यमियों को लाभ।
  • एमएसएमई के लिए 350 करोड़ रुपए का आवंटन। इसके लिए ऑनलाइन पोर्टल भी शुरू होगा।
  • प्रधानमंत्री कर्मयोगी मानधन योजना में 1.5 करोड़ रुपए से कम का कारोबार करने वालों को पेंशन लाभ।
  • 59 मिनट में छोटे दुकानदारों को लोन दिया जाएगा। 3 करोड़ दुकानदारों को पेंशन का प्लान।
  • सूचीबद्ध कंपनियों में न्यूनतम सरकारी शेयरधारिता 25% से बढ़ाकर 35% करने का प्रस्ताव।
  • पीपीपी के जरिए जुटाए गए निवेश से रेलवे का तेज विकास और पैसेंजर फ्रेट सर्विस शुरू होगी।

 

Back to top button