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राफेल पर सियासी घमासान, राहुल पर बरसे शाह, कहा-आरोप लगाने का आधार क्या है….

Amit Shah

भारतीय जनता पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने राफेल विमान सौदे को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर गलत बयानी करने का आरोप लगाते हुए आज कहा कि उन्हें देश से माफी मांगनी चाहिये ।
शाह ने राफेल विमान सौदे को लेकर उच्चतम न्यायालय के आये फैसले के बाद संवाददाता सम्मेलन में कहा कि श्री गांधी को देश और सेना से माफी मांगनी चाहिये । उन्होंने कहा कि न्यायालय के फैसले से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की जीत हुयी है और  गांधी की हार हुयी है ।
उन्होंने सवाल किया कि गांधी को राफेल विमान सौदे की जानकारी के स्त्रोत को बताना चाहिये । उन्होंने कहा कि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन शासन के दौरान 2007 से 2017 के दौरान फ्रांस के साथ राफेल लड़ाकू विमान सौदा क्यों नहीं हुआ । उन्होंने सवाल उठाया कि क्या कमीशन को लेकर विमान सौदा नहीं हो सका ।
भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि चौकीदार के डर से कांग्रेस की ओर से चोर- चोर का नारा लगाया गया । उन्होंने सवाल उठाया कि इस सौदे को लेकर श्री गांधी इतने सजग थे तो न्यायालय में याचिकाकर्ता क्यों नहीं बने । 

एक संवाददाता सम्मोलन को संबोधित करते हुए भाजपा अध्यक्ष ने कहा, ‘हम राफेल डील पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हैं। सच्चाई की विजय हुई है। राफेल डील पर देश की सबसे पुरानी पार्टी लोगों को गुमराह कर रही है।’ अमित शाह ने कहा कि लोगों को गुमराह करने के लिए राहुल गांधी को माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने कहा, ‘मैं राहुल गांधी से पूछना चाहता हूं कि उन्होंने किस आधार पर इस तरह के आरोप लगाए हैं। आरोप लगाने का उनका स्रोत क्या है, वह उसके बारे में बताएं।’

शाह ने कहा, ‘सूरज के ऊपर कितना भी कीचड़ या कितनी भी मिट्टी उछाल लें, वह खुद पर ही गिरती है। राहुल गांधी आगे से ऐसे बचकाने आरोप से बचें।’ भाजपा अध्यक्ष ने पूछा कि अगर कांग्रेस पार्टी के पास यदि सबूत थे तो वह उसके साथ सुप्रीम कोर्ट में क्यों नहीं गई? कांग्रेस की बी टीम पहले से ही वहां मौजूद है। जेपीसी की गठन के लिए पहले उस पर संसद भवन में चर्चा होती है। अमित शाह ने कहा, ‘मैं राफेल डील पर चर्चा के लिए कांग्रेस को चुनौती देता हूं।’

सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर अलग अलग दलों की प्रतिक्रियाएं भी सामने हैं। कांग्रेस ने कहा कि वो तो पहले से ही कहते रहे हैं कि इस विषय के लिए अदालत सही फोरम नहीं है। देश को सच जानने का अधिकार है और वो सच जेपीसी जांच के जरिए ही सामने आ सकती है। लेकिन पूर्व रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने ट्वीट करते हुए एक शब्द में कहा कि सत्यमेव जयते।

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