उत्तर प्रदेश

BJP ने बनाया गजब का प्लान, अखिलेश-मुलायम और सोनिया को इसी से देगी मात

लोकसभा चुनाव जीतने के लिए राजनीतिक पार्टियां कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती है. भारतीय जनता पार्टी उत्तर प्रदेश की 80 सीटों पर अपनी जीत दर्ज कराने के लिए हर संभव प्रयास में जुटी हुई है, फिर वो चाहे रैलियों में अपने विरोधियों के खिलाफ जमकर हमला बोलना हो, या फिर प्रतिद्वंद्वी दलों के सामने अपने मजबूत नेता को खड़ा करना ही क्यों न हो.

चलिए अब बात करते हुए उन जगहों की जहां से सपा और कांग्रेस ने अपने स्टार प्रचारकों को चुनावी मैदान में उतारा है. हम बात कर रहे हैं  कांग्रेस पार्टी की पूर्व अध्यक्ष और नेता सोनिया गांधी, समाजवादी पार्टी नेता मुलायम सिंह और उसके अध्यक्ष अखिलेश यादव की.

सोनिया को चुनौती देंगे पूर्व कांग्रेसी दिनेश प्रताप सिंह

रायबरेली लोकसभा सीट को कांग्रेस का गढ़ माना जाता है. पिछले पांच लोकसभा चुनावों में यहां से कांग्रेस उम्मीदवारों को ही जीत मिली है, जिनमें से चार जीत पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के नाम पर दर्ज हैं. सोनिया गांधी ने लगातार चार पिछले लोकसभा चुनावों में रायबरेली सीट पर विजय हासिल की है. ऐसे में बीजेपी रायबरेली सीट से ऐसे उम्मीदवार को खड़ा करना चाहती थी जो कि सोनिया गांधी को कड़ी चुनौती दे सके.

इस सीट से बीजेपी ने पूर्व कांग्रेस नेता दिनेश प्रताप सिंह को चुनावी मैदान में उतारा है. 2018 में दिनेश प्रताप सिंह ने कांग्रेस का साथ छोड़ बीजेपी का दामन पकड़ लिया था. सोनिया गांधी के सामने दिनेश प्रताप सिंह को शायद बीजेपी ने बहुत ही सूझबूझ के साथ खड़ा किया है क्योंकि दिनेश पार्टी कांग्रेस पार्टी के हर दांव से भलीभांति परीचित हैं. वे कांग्रेस का एक बड़ा चेहरा थे.

मुलायम और प्रेम सिंह शाक्य के बीच कड़ा मुकाबला

मुलायम सिंह यादव को सपा ने मैनपुरी से चुनावी मैदान में उतारा है. मुलायम सिंह यादव साल 1996, 2004, 2009 और 2014 में मैनपुरी से आम चुनाव जीते थे, लेकिन 2004 और 2014 में उन्होंने ये सीट छोड़ दी थी. 2014 में मुलायम सिंह ने आजमगढ़ से भी चुनाव लड़ा था और मैनपुरी से सीट छोड़कर वे आजमगढ़ सीट से जीतकर लोकसभा पहुंचे थे. इस बार आजमगढ़ की कमान खुद सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सम्भाली है.

वहीं मैनपुरी से मुलायम सिंह के सामने बीजेपी ने प्रेम सिंह शाक्या को उम्मीदवार बनाया है. यहां कांग्रेस की तरफ से किसी उम्मीदवार के नाम की घोषणा नहीं की गई है. ऐसे में मुलायम सिंह और प्रेम सिंह शाक्य के बीच सीधी टक्कर होगी. ऐसा लगता है कि मुलायम सिंह प्रेम सिंह के हाथ से मैनपुरी की सीट खींच लेने में कामयाब होंगे. फिलहाल मैनपुरी के मतदाता क्या चाहते हैं वो तो चुनाव के बाद नतीजों में ही पता चलेगा.

अखिलेश यादव को टक्कर देंगे भोजपुरी स्टार निरहुआ

आजमगढ़ से इस बार खुद सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव चुनावी मैदान में हैं और उन्हें टक्कर देने के लिए बीजेपी ने यहां से भोजपुरी स्टार दिनेश लाल यादव उर्फ निरहुआ को इस रण में उतारा है. दोनों ही चेहरे अपनी-अपनी पार्टी के लिए आजमगढ़ लोकसभा सीट जीतने के लिए पूरी तरह से तैयार है. एक तरफ अखिलेश यादव एक अनुभवी राजनेता है तो वहीं दूसरी ओर उनके सामने बीजेपी ने एक ऐसे व्यक्ति को उतारा है जिसकी फैन फॉलोइंग काफी ज्यादा है. बीजेपी को लगता है कि निरहुआ को आजमगढ़ से खड़ा करके वे अखिलेश यादव को कड़ी चुनौती दे सकते हैं, लेकिन क्या वाकई ऐसा हो सकता है, ये तो आगामी चुनाव में ही पता चलेगा.

 

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