राजनीति

भाजपा के ‘घोषणा पत्र’ का मुकाबला राहुल के ‘पंजे’ से, सामने खड़े है 5 बड़े सवाल?

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भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष अमित शाह ने सोमवार को लोकसभा चुनाव के लिए पार्टी का घोषणा पत्र जारी किया। पार्टी ने इसे ‘संकल्प पत्र’ का नाम दिया है।  शाह ने कहा कि हम 75 संकल्पों के साथ आगे बढ़ रहे हैं, जिन्हें हम वर्ष 2022 तक पूरा कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नेताओं सहित देश के छह करोड़ लोगों के सहयोग से संकल्प पत्र बनाया गया है। संकल्प मंत्र के माध्यम से जन-जन की बात भाजपा करने जा रही है।

वाही दूसरी तरफ  कांग्रेस पहले अपना घोषणापत्र लाकर वोटरों को साधने में जुटी है, ‘अब होगा न्याय’ के नारे के साथ अपना देशव्यापी प्रचार अभियान आरंभ किया और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को कांग्रेस के नेता राहुल गांधी के साथ न्यूनतम आय योजना (न्याय) पर खुली बहस करने की चुनौती दी जिसे सारा देश देखे और सुने।  ऐसे में भाजपा के सामने राहुल गांधी के टॉप 5 मास्टरस्ट्रोक का जवाब देने की चुनौती है.

पढ़ें क्या हैं राहुल गांधी के 5 बड़े वादे, जिनसे पार पाना बीजेपी के लिए है चुनौती…

1. न्याय योजना

देश के 20 फीसदी गरीबों को साधने के लिए कांग्रेस ने न्याय योजना का ऐलान किया है. इसके तहत करीब 5 करोड़ परिवारों को 72 हजार रुपये सालान की आर्थिक मदद दी जाएगी. कांग्रेस इस ऐलान को ऐतिहासिक बता रही है और हर वोटर तक इसका संदेश पहुंचाने की कोशिश कर रही है. हालांकि, भाजपा पहले ही कह चुकी है ये एक धोखा देने वाला वादा है. बीजेपी पहले ही किसान समृद्धि योजना चला रही है, जिसके तहत किसानों को 6000 रुपये सालाना दिए जा रहे हैं.

2. रोजगार

रोजगार के मुद्दे पर मोदी सरकार पिछले पांच सालों में विपक्ष के निशाने पर रही है. कांग्रेस ने वादा किया है कि वह सत्ता में आने के एक साल के अंदर खाली पड़े 22 लाख सरकारी पदों को भरेगी. इसके अलावा युवाओं को स्टार्ट अप में छूट दी जाएगी, शुरुआती तीन साल में किसी तरह के परमिशन की आवश्यकता नहीं होगी. ऐसे में भाजपा के सामने चुनौती ये भी है कि युवा वोटरों को साधने के लिए वह अपने संकल्प पत्र में क्या लाएगी.

3. अलग से किसान बजट

किसानों का मुद्दा हर चुनाव में गरम रहा है. भाजपा एक तरफ किसान समृद्धि योजना की बात कर रही है तो वहीं राहुल गांधी ने किसानों के लिए अलग से बजट लाने की बात कही है. इसके अलावा राहुल ने किसानों के कर्ज न अदा कर पाने की स्थिति में जो क्रिमिनल ऑफेंस माना जाता था, उसे वो खत्म करेंगे. इसकी जगह किसानों के कर्ज अदा न कर पाने के लिए सिविल ऑफेंस माना जाएगा.

4. शिक्षा और स्वास्थ्य पर फोकस

कांग्रेस का वादा है कि वह शिक्षा बजट को पूरे बजट का करीब 6 फीसदी करेगी, इसके अलावा शिक्षा संस्थानों को मजबूत करेगी ताकि अच्छी शिक्षा मुहैया कराई जा सके. इसके अलावा भाजपा की आयुष्मान भारत योजना को खोखला बताते हुए कांग्रेस ने एक ऐसी योजना लाने का वादा किया है जिसमें सरकारी अस्पतालों में अच्छी सुविधा मुहैया कराई जाएंगी.

5. मनरेगा को फिर मिलेगी मजबूती

ग्रामीण वोटरों को साधने के लिए कांग्रेस ने एक बार फिर मनरेगा पर फोकस किया है. मनरेगा के तहत मजदूरों को 150 दिन रोजगार का वादा एक बड़ा मास्टरस्ट्रोक हो सकता है. ऐसे में भारतीय जनता पार्टी इन वादों से अपने घोषणापत्र में कैसे पार पाती है, ये बड़ा सवाल होगा.

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