उत्तर प्रदेश

बीजेपी ने ‘उसूलदार’ नेता को किया बाहर, वजह है अखिलेश और आजमगढ़

पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का समर्थन करने पर नाराज भारतीय जनता पार्टी ने आईपी सिंह को पार्टी से छह वर्ष के लिए निष्काषित कर दिया है। प्रदेश के मीडिया प्रभारी मनीष कुमार ने बताया कि सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने आजमगढ़ से लोकसभा चुनाव लड़ने को फैसला लिया था।

इस फैसले पर भाजपा के पूर्व नेता आज़मगढ़ निवासी आईपी सिंह ने ट्विटर पर अपनी खुशी जाहिर की थी और कहा था कि अखिलेश जी के आने से युवाओं में खुशी की लहर आ गई है। उन्होंने ये भी कहा कि अखिलेश के आ जाने से पूर्वांचल विकास और तीव्र गति से होगा जिसके चलते पार्टी के नेता इनसे बहुत नाराज चल रहे थे। यह भी बोले थे कि वह चुनाव कार्यालय बनाना चाहते है तो उनका आवास उनके काम आ जायेगा। इस बात से से बीजेपी के कई वरिष्ठ नेता नाराज चल रहे थे। इसके बाद आईपी सिंह को पार्टी से छह साल के लिए निष्कासित कर दिया गया है।

पहले भी हो चुके निष्कासित आईपी सिंह बड़े नेताओं में आते हैं। वह अपने कार्यां से लगातार पार्टी में चर्चा का विषय बने रहे हैं। भाजापा के सभी नेता जहां अपने ट्विटर हैंडल पर चौकीदार लिख रहे थे तो वहीं आईपी सिंह ने उसूलदार लिख रखा था। इतना हीं नहीं आईपी सिंह प्रदेश के संगठन मंत्री सुनील बंसल को लेकर ट्विटर पर काफी भड़ास निकाल चुके है। कुछ साल पहले दागी नेता बाबू सिंह कुशवाहा को पार्टी में शामिल करने के बाद आईपी सिंह ने आवाज़ उठाई थी जिसके चलते इनको कुछ समय के लिए पार्टी से निलंबित भी किया जा चुका था।

सच बोलना जुर्म

पार्टी से निष्कासित होने के बाद आईपी सिंह ने कहा कि मैंने तीन दशक से पार्टी में रहा हूं। मैने धरती पकड़ कार्यकर्ता की तरह जनसरोकार की राजनीति की है। उन्होंने ये भी कहा कि ढह चुके आंतरिक लोकतंत्र के बीच सच बोलना अब ज़ुर्म हो चुका है।

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