उत्तर प्रदेश

पश्चिमी यूपी में बीजेपी का बुरा हाल, जगह-जगह विरोध झेल रहे उम्मीदवार, लेकिन क्यों?

पहले चरण के चुनाव में पश्चिमी उत्तर प्रदेश की जिन आठ सीटों पर मतदान होना है उनमे से अधिकांश सीटों पर बीजेपी उम्मीदवारों को विरोध का सामना करना पड़ रहा है। 2014 के लोकसभा चुनाव में पश्चिमी उत्तर प्रदेश की सभी 8 सीटें जीतने वाली भारतीय जनता पार्टी के सांसदों का न सिर्फ पार्टी के अंदर बल्कि मतदाताओं के बीच भी बड़ा विरोध है। स्थानीय लोगों की माने तो विरोध के भय से कई गाँवों में बीजेपी सांसद जाने से कतरा रहे हैं।

पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अलीगढ, बुलंदशहर, गौतमबुद्धनगर, मुज़फ्फरनगर और सहारनपुर सीट पर बीजेपी उम्मीदवारों को अपनी ही लोकसभा के मतदाताओं से नज़रें मिलाना मुश्किल हो रहा है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में गन्ना किसानो के बकाये और पूरे पांच वर्ष तक बीजेपी सांसदों का जनता से दूर रहने के चलते ग्रामीण इलाको में बीजेपी उम्मीदवारों को मूँह की खानी पड़ रही है।

2014 के लोकसभा चुनाव में पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बीजेपी ने जिस धार के साथ चुनाव लड़ा था इस बार वह धार कमज़ोर पड़ती दिखाई दे रही है। कहीं वर्तमान बीजेपी सांसद से जनता नाराज़ है तो कहीं पार्टी के अंदर ही विरोधी सुर ज़ोर पकड़ रहे हैं।

विरोध का यह सिलसिला केंद्रीय मंत्री महेश शर्मा के लोकसभा क्षेत्र में जारी है। ग्रेटर नोएडा के कई गाँवों में उनका विरोध हो रहा है। वहीँ अलीगढ में बीजेपी उम्मीदवार सतीश गौतम कई गाँवों में विरोध झेल चुके हैं और पार्टी के अंदर भी उनका विरोध हो रहा है।

मेरठ, मुज़फ्फरनगर, सहारनपुर, बागपत जैसे इलाको में इस बार गन्ना किसानो ने बीजेपी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। विधानसभा चुनाव के दौरान स्वयं पीएम नरेंद्र मोदी अपनी चुनावी सभाओं में गन्ना के बकाये के भुगतान का आश्वासन दिया था लेकिन गन्ना किसानो के बकाये का भुगतान आज भी मूँह खोले खड़ा है। ऐसे में गन्ना किसान बीजेपी सांसद से जबाव तलब कर रहे हैं और बागपत के कई इलाको में बीजेपी सांसद का विरोध हो रहा है। वहीँ सूत्रों की माने तो किसानो के भय से बीजेपी उम्मीदवार ने कई गाँवों का जनसम्पर्क तक रद्द कर दिया है।

बुलंदशहर में तो बीजेपी सांसद भोला सिंह की गाड़ी पर ग्रामीणों ने पथराव तक किया। जानकारी के मुताबिक बुलंदशहर से बीजेपी के लोकसभा प्रत्याशी और निवर्तमान सांसद डॉ. भोला सिंह व शिकारपुर विधायक अनिल शर्मा दलबल के साथ शिकारपुर विधानसभा क्षेत्र के गांव चांदौक में शानिवार देर शाम को चुनाव प्रचार करने पहुंचे थे। ग्रामीण भोला सिंह को देखते ही आग बबूला हो गए। सांसद से ग्रामीणों ने कहा, ‘5 साल पहले वोट मांगने आए थे। हमने जिता कर भेजा। जीतने के बाद किसी के भी दुख दर्द में शामिल नहीं हुए और पांच साल पहले किए वादे भी पूरे नहीं किए।

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