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अब देश को सैनिकों की जरूरत नहीं, दुश्मनों से भिड़ने के लिए काफी हैं ये ‘बजरंगी’ !

एक बार फिर बजरंग दल चर्चा में है. वजह वही पुरानी है. हथियारों की ट्रेनिंग. इस बार संगठन पर एक समर कैंप में युवाओं को हथियारों की ट्रेनिंग देने के आरोप लगे हैं. मुंबई के नजदीक भायंदर में ये कैंप आयोजित हुआ, जिसके बाद डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया (DYFI) की ओर से दर्ज कराई शिकायत पर पुलिस इस मामले की तफ्तीश कर रही है.

दरअसल बजरंग दल कार्यकर्ता प्रशांत गुप्ता ने अपने फेसबुक पेज पर कुछ तस्वीरें पोस्ट की थीं, जिन्हें देखने के DYFI ने गुरुवार को भायंदर स्थित नवघर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई. शिकायत के मुताबिक, 21 मई को गुप्ता ने फेसबुक पेज पर एक समर कैंप के बारे में पोस्ट किया. यह समर कैंप 25 मई से 1 जून तक भायंदर पूर्व स्थित सेवेन इलेवन अकादमी में आयोजित किया गया.

आरोप है कि गुप्ता ने कुछ ऐसी तस्वीरें पोस्ट कीं जिनमें युवा जलती हुई चीजों पर फायरिंग करते हुए नजर आते हैं. तस्वीरों में यह भी दिखता है कि छह राइफलें फर्श पर रखी हैं. इसके अलावा, राइफलों के साथ सेल्फी खिंचवाने वाले लोगों की तस्वीरें भी कथित तौर पर पोस्ट की गईं.

DYFI के मुताबिक, पुलिस को यह जांच करनी चाहिए कि दक्षिणपंथी संगठन ने आखिर कैसे युवाओं को हथियार चलाने की ट्रेनिंग दी. उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा, ‘यह आर्म्स ऐक्ट के तहत अपराध है. पुलिस जांच करे कि कैंप के आयोजनकर्ताओं को हथियार कहां से मिले. यह बहुत चिंताजनक है कि ऐसी चीजें स्कूल के अंदर हुई हैं.’

हालांकि, कैंप का आयोजन करने वाले वीएचपी कार्यकर्ता सुनील आचार्य ने कैंप में हथियारों की मौजूदगी को सिरे से खारिज किया. उन्होंने कहा, ‘ये पूर्व में बिहार और यूपी में आयोजित ट्रेनिंग कैंपों की तस्वीरें हैं. वहां पर लोग थोड़े दबंग हैं. हम महाराष्ट्र में युवाओं को असलहे चलाने की ट्रेनिंग नहीं देते.’

बता दें कि जिस अकादमी में बजरंग दल का ट्रेनिंग कैंप लगा, वो बीजेपी विधायक नरेंद्र मेहता का है.

 

 

 

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