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अयोध्या: सुप्रीम कोर्ट ने कहा, ASI रिपोर्ट में मंदिर तोड़कर मस्जिद बनाने का जिक्र नहीं

अयोध्या विवाद पर सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने फैसला पढ़ना शुरू कर दिया है। सबसे पहले चीफ जस्टिस ने शिया वक्फ बोर्ड की याचिका खारिज कर दी है। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पांच जजों की बेंच यह फैसला सुना रही है। पूरा फैसला पढ़ने में करीब आधे घंटे का समय लगेगा।

LIVE UPDATE

  • 10.51: यात्रियों के वृतांत और पुरातत्विक सबूत हिंदुओं के हक में।
  • 10.50: 1856 से पहले अंदरुनी हिस्से में हिंदू भी पूजा करते थे। रोकने पर बाहर चबूतरे पर पूजा करने लगे।
  • 10.49:ढांचे के नीचे पुरानी रचना से हिंदू दावा माना नहीं जा सकता। अंग्रेजों ने दोनों हिस्से अलग रखने के लिए रेलिंग बनाई थी।
  • 10:48:सुप्रीम कोर्ट ने कहा, ASI रिपोर्ट में मंदिर तोड़कर मस्जिद बनाने का जिक्र नहीं
  • 10:47:सुन्नी ने जगह को मस्जिद घोषित करने मांग की है।
  • 10:46:ढांचे के नीचे पुरानी रचना से हिंदू दावा माना नहीं जा सकता
  • 10:46:हिंदू मुख्य गुंबद को ही जन्म का सही स्थान मानते है।
  • 10.45:सुप्रीम कोर्ट ने कहा, चबूतरा, भंडारा और सीता रसोई से भी राम के होने की पुष्टि होती है।
  • 10.44:विवादित जगह पर हिंदू पूजा करते थे।
  • 10.43:रामलाल में ऐतिहासिक ग्रंथों के विवरण रखे।
  • 10.42:कोर्ट ने कहा, मस्जिद की मुख्य गुंबद ही रामलला का जन्म स्थान
  • 10.41:जमीन का विवाद का फैसला कानूनी आधार पर।
  • 10.40:हिंदुओं की आस्था है कि राम का जन्म हुआ था।
  • 10.40:अयोध्या में राम के जन्म के दावे का किसी ने विरोध नहीं किया।
  • 10.39:विवादित ढांचे में पुराने पत्थर, खंभे का इस्तेमाल हुआ।
  • 10.38:सुन्नी वक्फ बोर्ड को बड़ा झटका बाबरी मस्जिद खाली जमीन पर नहीं बनी थी।
  • 10.37:रामलला को कानूनी मान्यता दी। कोर्ट ने कहा, खुदाई में मिले सबूतों की अनदेखी नहीं कर सकते।
  • 10.36:कोर्ट ने कहा है कि कोर्ट हदीस की व्याख्या नहीं कर सकता। नमाज पढ़ने की जगह को मस्ज़िद मानने के हक को हम मना नहीं कर सकते। 1991 का प्लेसेस ऑफ वरशिप एक्ट धर्मस्थानों को बचाने की बात कहता है। एक्ट भारत की धर्मनिरपेक्षता की मिसाल है।
  • 10.34:सुप्रीम कोर्ट ने निर्मोही अखाड़े का दावा खारिज
  • 10.34:चीफ जस्टिस फैसला पढ़ रहे है। आधे घंटे में पूरा फैसला पढ़ लिया जाएगा
  • 10.33:शिया और सुन्नी केस में एक मत से फैसला आया है। ध्यान रहे ये मामला आयोध्या केस से अलग है।
  • 10:32:शिया वक्फ बोर्ड का दावा खारिज
  • 10.30:कोर्ट रूम में पहुंचे चीफ जस्टिस समेत सभी जज
  • 10.29:फैसले की फाइल कोर्ट में पहुंची।
  • सुप्रीम कोर्ट: राम लल्ला देवता वकील, सीएस वैद्यनाथन (चरम अधिकार), डॉ। राजीव धवन के साथ बातचीत में, सुन्नी वक्फ बोर्ड के वरिष्ठ वकील, सीजेआई कोर्ट रूम के बाहर
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