धर्म

इस मंदिर में आज भी विश्राम करने आते हैं बजरंगबली, आप भी कीजिये दर्शन

हमारे देश में बहुत से लोग ऐसे है जो धार्मिक आस्थाओं को बहुत ही महत्व देते है! और हमारे समाज में बहुत से देवी और देवताओ की पूजा भी की जाती है! लेकिन हमारे धर्म में सबसे ज्यादा महाबली हनुमान की ही पूजा की जाती है! हनुमान जी ब्रम्हचारी होने के साथ साथ श्री राम जी के सबसे परम भक्त भी माने जाते है! इस भारत के हर कोने कोने में भगवान् हनुमान जी के मंदिर पाए जाते है!और हर मंदिर की अपनी अलग अलग मान्यता है! हमारे यहाँ आज भी मान्यता है कि जिस भी व्यक्ति के ऊपर हनुमान जी की कृपा होती है उसके सारे कष्ट समाप्त हो जाते है! उसे किसी भी चीज की कमी नहीं होने पाती है!

आज हम आपको हनुमान जी एक ऐसी मंदिर के बारे में आपको बताने जा रहे है! जो कि जयपुर के अलवर में ही स्थित है और इस मंदिर का नाम है पांडूपोल हनुमान मंदिर है! इस मंदिर में महाबली हनुमान जी शयन की मुद्रा में मूर्ति है, कहा जाता है कि इस जगह पर महाबली हनुमान विश्राम करने के लिए रुके थे! कहा जाता है कि पांडव जब अपनी माता कुंती के साथ वन में भटक रहे थे,और उस दौरान वह टहलते हुए अलवर आ गए थे!

कहा जाता है कि पांडव के विचरण के दौरान उन्हें कोई रास्ता नहीं मिला तब महाबली भीम ने एक पत्थर पर प्रहार करके उसे चकनाचूर कर दिया और रास्ता बना दिया था, और साभी ने उनकी खूब प्रशंसा की थी और भीम को अपने अन्दर घमंड आ गया था! और आगे चलकर पांडव को एक बुढा बानर लेता हुआ मिला,भीम ने उनसे वहां से उठकर जाने को कहा और खुद के आराम करने के लिए बोला तब उस बानर ने कहा मै हिलडुल नहीं पा रहा हु तुम लोग आगे बढ़ जाओ!

भीम को यह बात बुरी लगी,और भीम ने उन्हें वहां से हटाना चाहा लेकिन भीम उन्हें उठाने तो दूर उन्हें खिसका भी नहीं सके! तब भीम ने उनसे क्षमा याचना भी की और तब वह अपने असली रूप में भी आ गए वह हनुमान जी ही थे और उन्होंने भीम को माफ़ भी कर दिया था! जिस जगह पर हनुमान जी विश्राम कर रहे थे वन्ही पर वह मंदिर बना दिया गया था! कहा जाता है कि मंदिर में आज भी हनुमान जी विश्राम करने आते है!

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