उत्तर प्रदेश

गाजियाबाद: AJPA कॉपरेटिव सोसायटी में घर लेना बना मुसीबत, चेयरमैन दे रहा है धमकियां और गालियां

डर के साये में जी रही धोखाधड़ी के शिकार जनता

उत्तरप्रदेश की योगी सरकार और यूपी RERA के तमाम प्रयासों और दावों के बावजूद, उत्तर प्रदेश की हाउसिंग सोसाइटी में रहने वाले आम नागरिकों के साथ धोखाधड़ी और उनके शोषण का सिलसिला रुक नहीं रहा। ताजा मामला गाजियाबाद जिले के वसुंधरा इलाके का है। यहां के सेक्टर 11 में स्थित एक सोसायटी के सदस्यों के दुखों का अंत नहीं हो रहा। यहां के Ajpa कॉपरेटिव सोसाइटी की तरफ से पहले तो देर से निर्माण कार्य पूरा हुआ जिसकी शिकायत पहले ही यूपी रेरा को की गई है, लेकिन जिन सुविधाओं का लालच देकर लोगों से पूरा पैसा लिया गया वो सुविधाएं अब तक नदारद हैं।

हद तो तब हो गई जब संबंधित प्रबंधन से सोसायटी के सदस्यों ने इस संदर्भ में प्रश्न करने का प्रयास किया। यहां के सदस्यों को सीधे तौर पर धमकी दी जा रही है। आलम ये हैं की यहां के सैकड़ों सदस्य परिवार डर के साए में है और इसकी वजह है उनको मिल रही धमकियां। ये सब तब है जब अपने सपने के आशियाने के लिए इन लोगों ने जीवन भर की गाढ़ी कमाई प्रबंधन को दे दी।

वसुंधरा के सेक्टर 11 स्थित AJPA Dronagiri Society, के सदस्यों ने सुविधाओं के नाम पर झुनझुना थमाने का सवाल एक बैठक में उठाया । 7 मार्च को हुई इस बैठक में लोगों ने प्रोजेक्ट पूरा करने, मूल भूत सुविधा, सीसी और वित्तीय अनियमितता का प्रश्न उठाया। लेकिन प्रश्नों का सही उत्तर देने की जगह चेयरमैन आरडी शर्मा और सेक्रेटरी अनिल शर्मा ने गाली गलौज और धमकाना शुरू कर दिया। वहां बड़ी संख्या में महिलाएं भी मौजूद थीं फिर भी इसका ध्यान नहीं रखा।

आरडी शर्मा ने ये भी धमकी दी कि society की चारदीवारी के बाहर वो सबको देख लेंगे। लोगों का आरोप है कि आरडी शर्मा ने उनसे अपने क्रिमिलन बैकग्राउंड का हवाला देते हुए धमकाया की मेरे ऊपर सत्तर से जायदा केस दर्ज हैं, मुझे पुलिस या प्रशासन का कोई डर नहीं। इस खुली धमकी के बाद यहां के निवासी डर के साए में हैं और उन्होंने इसकी शिकायत पुलिस भी की है। करीब पचास लोगों ने एफआईआर दर्ज करवाई है।

साथ ही नगर प्रशासन, सरकार और यूपी RERA से भी न्याय की गुहार लगाई है। कमाल है की आज ये लोग अपने तो ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। अब इनको योगी सरकार से उम्मीद है कि सही करवाई हो और उनको उनको भय मुक्त हो कर अपने घर में रहने का अधिकार मिले।

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