उत्तर प्रदेशख़बर

अखिलेश ने भी मायावती को किया राम-राम, गठबंधन का काम हुआ तमाम ?

लोकसभा चुनाव में बहुजन समाज पार्टी (बसपा), समाजवादी पार्टी (सपा) और राष्ट्रीय लोकदल (आरएलडी) पार्टी के साथ गठबंधन करने के बावजूद उत्तर प्रदेश में मिली हार के बाद सपा- बसपा के गठबंधन में दरार आ गई है। इस कड़ी में बसपा सुप्रीमो मायावती ने सोमवार को हुई पार्टी बैठक में लोकसभा चुनाव में उम्मीद के मुताबिक सीटें नहीं आने पर  चर्चा की। उन्होंने उत्तर प्रदेश में छह महीने बाद होने वाले 11 विधानसभा चुनावों में बसपा के अकेले लड़ने तैयारी की है।  ऐसे  में  समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव फिलहाल कुछ भी टिप्पणी करने से बच रहे हैं। हालांकि आजमगढ़ में पत्रकारों के काफी कुरेदने पर अखिलेश यादव ने इतना तो कह ही दिया कि अब हम अपने साधन और अपने संसाधनों से चुनाव लड़ेंगे।

जहां एक तरफ दिल्ली में बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती गठबंधन तोड़ने के संकेत दे रही थीं और वहीं आजमगढ़ में अखिलेश जीत के लिए वोटरों को धन्यवाद दे रहे थे। लेकिन चुनाव नतीजों के बाद पहली बार कैमरे पर आए अखिलेश यादव ने आगे की लड़ाई के लिए नए प्लान पर काम करने की बात कही। उन्होंने कहा कि अब अपना साधन और अपने संसाधन से हम चुनाव लड़ेंगे।

लोकसभा चुनाव में आजमगढ़ सीट पर बड़ी जीत के बाद जनता का आभार जताने आजमगढ़ के आईटीआई मैदान पहुंचे समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मंच से स्वीकार किया कि विरोधी काफी ताकतवर हैं लेकिन सामाजिक गठबंधन के जरिए उन्हें मात देने का प्रयास निरंतर जारी रहेगा। इस दौरान उन्होंने जहां कार्यकर्ताओं की हत्या को लेकर प्रदेश सरकार को कटघरे में खड़ा किया। वहीं यह दावा किया कि पार्टी को सीट भले ही न मिली हो लेकिन उनका हौसला बरकरार है। अखिलेश ने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि जनता के बीच जाएं और बीजेपी सरकार के झूठ का पर्दाफाश करें।
‘ दुश्मन पहचानों, कहां छिपा है’
उन्होंने भोजपुरी अभिनेता और आजमगढ़ से उनके खिलाफ लोकसभा चुनाव लड़ने वाले निरहुआ पर हमलावर होते हुए कहा कि हमने उनकी फिल्म कभी नहीं देखी लेकिन आप लोग देखते रहिए। आप दुश्मन को पहचानों वह कहां छिपा हुआ है। हमारा आपका झगड़ा उनसे नहीं था। उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि वे हमारे दिमाग में टीवी और मोबाइल से खेले। इसलिए हम गरीब, किसान और मजदूरों से कहना चाहते हैं कि हम इस लड़ाई को नहीं समझ पाए, जिस दिन हम इस लड़ाई को समझ जाएंगे, उस दिन जीत जाएंगे। उन्होंने कहा कि बलिहारी बाबू ने सही कहा कि जो जगाता है वही मार दिया जाता है। यह पहली बार नहीं हो रहा है
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