मायानगरी

खूंखार विलेन ‘गैंडास्वामी’ का हुआ ऐसा हाल, बॉलीवुड ने फेर ली आंखें, नहीं मिल रहा काम

हिंदी फिल्म जगत में बहुत सारी फिल्मों का दौर रहा है और पहले के दशक से लेकर आज तक बहुत सारी फिल्में हम लोगों ने देखी होगी, और उन फिल्मों को देखकर हमे काफी अच्‍छा भी लगा होगा। बॉलीवुड में ऐसे कई अभिनेता है जिनके अभिनय को भुला पाना बहुत मुश्किल है, पहले के दशक की फिल्‍म हो या आज के समय की दोनों में ही विलेन का रोल बहुत महत्‍व रखता है क्‍योंकि पूरी फिल्‍म विलेन के रोल पर ही निर्भर रहती है और उस समय के दौर की फिल्मों में काम करने वाले विलेन अधिक फेमस और लोकप्रिय बन चुके है।ये वो दौर था, जब विलेन का विलेन लगना बहुत ज़रूरी हुआ करता था.

आज जैसा नहीं कि हीरो-विलेन में कोई फर्क ही नहीं होता बल्कि आजकल तो वैसी फ़िल्में ही बेहद कम दिखती हैं, जिनमें हीरो के मुक़ाबिल एक शैतानी किरदार फिल्म की पहली ज़रूरत हुआ करता था. अस्सी-नब्बे के दशक का दौर हिंदी सिनेमा में ‘बदले’ का दौर था. ज़्यादातर फिल्मों में एक सेट पैटर्न हुआ करता था.

आज हम आपको एक ऐसे ही हिंदी फिल्म जगत के बॉलीवुड के खतरनाक और खूंखार विलेन के बारे में बताने जा रहे है जो इन दिनों बॉलीवुड में काम ना मिलने की वजह से आज बॉलीवुड से दूर है और उन्हें मराठी फिल्मों में काम करना पड़ रहा है।आपको बता दे वो विलेन कोई और नहीं बल्कि सुपरहिट फिल्म तिरंगा में विलेन गैंडास्वामी का किरदार निभाने वाले दीपक शिर्के है. दरअसल दीपक शिर्के को आजकल बॉलीवुड फिल्मों में काम नहीं मिल पा रहा है, यही वजह है कि उन्हें मराठी फिल्मों में काम करने को मजबूर होना पड़ रहा है.

आपको बता दे कि दीपक शिर्के को असली पहचान सन् 1999 में आई फिल्‍म तिरंगा से मिली थी,यह फिल्‍म बॉक्‍स ऑफिस पर सुपरहिट साबित हुई थी। इस फिल्‍म में दीपक शिर्के ने एक आंतकवादी मास्‍टरमाइंड प्रलयनाथ गेंडास्‍वामी की भूमिका निभायी थी, और इनके साथ पॉजीटिव रोल में नाना पोटकर व राजकुमार थे।दीपक शिर्के ने इस फिल्‍म में विलेन का जो रोल किया था वह काफी सराहनीय था. उनके इस रोल को दर्शकों ने बहुत अधिक पसंद किया था। इस फिल्म में दीपक ने के खूंखार विलेन का किरदार निभाया था जो बहुत ही सराहनीय था.

हिंदी फिल्म जगत में इनका योगदान काफी जयदा रहा है. दीपक शिर्के अबतक की 100 से अधिक बॉलीवुड फिल्‍मों में अभिनय कर चुके है।इसके अतरिक्‍त वह दक्षिण भारतीय, भोजपुरी, व तेलगू फिल्‍मों में भी अपना अभिनय दिखाने में पीछे नही रहे वहां भी इन्‍होंने कई फिल्‍मों में कई तरह के रोल को निभा कर दर्शकों को मनोरंजित कर रहे है. 12 अगस्त सन 1957 को जन्मे दीपक शिर्के अपने एक्टिंग कैरियर में 100 से भी ज्यादा फिल्मो में काम कर चुके हैं और एक से बढकर एक हिट फिल्म दे चुके हैं । लेकिन नियति का खेल देखिये कई सालो तक लोगो का मनोरंजन करने वाले दीपक शिर्के को फिल्म जगत और दर्शको ने भुला दिया है.

बॉलीवुड ने तो दीपक शिर्के के लिए अपने दरवाजे मानो बंद ही कर लिए हैं. अपने एक इंटरव्यू में दीपक शिर्के का दर्द छलका था जिसमे उन्होंने कहा था की, अब तो शायद बॉलीवुड ने मुझे भुला ही दिया है और यही वजह है की मुझे बॉलीवुड में फिल्मे मिलना तो जैसे बंद ही हो गया है. आज दीपक शिर्के छोटी मोटी मराठी फिल्मो में काम करके अपना घर चला रहे हैं और अन्य भाषाओ की फिल्मो में भी काम कर रहे हैं.

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