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यूपी में बुआ-बबुआ के गठबंधन को बड़ा झटका, इस पार्टी ने छोड़ा साथ

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लखनऊ, । उत्तर प्रदेश में सपा, बसपा और रालोद के गठबंधन को निषाद पार्टी ने बड़ा झटका दिया है। पार्टी के अध्यक्ष डॉ संजय निषाद ने अखिलेश यादव और मायावती पर उपेक्षा का आरोप लगाते हुए शुक्रवार को गठबंधन से नाता तोड़ने की घोषणा कर दी।
डॉ संजय निषाद ने घोषणा की है कि उनका दल गठबंधन के साथ नहीं हैं। उन्होंने कहा कि अब वह स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ सकते हैं। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि वह अन्य विकल्प की भी तलाश कर सकते हैं।

निषाद पार्टी के मुखिया का आरोप है कि सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और बसपा सुप्रीमो मायावती ने गठबंधन की मर्यादा का पालन नहीं किया। इसलिए उन्होंने अपने दल को गठबंधन से अलग करने का फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव ने कहा था कि वह निषाद पार्टी के लिए सीटों की घोषणा करेंगे, लेकिन उन्होंने पोस्टर या किसी पत्र पर निषाद पार्टी का नाम तक नहीं रखा।

गौरतलब है कि तीन दिन पहले ही सपा ने निषाद पार्टी और जनवादी पार्टी (सोशलिस्ट) को अपने गठबंधन में शामिल करने की घोषणा की थी। पूर्व में लोकसभा के उपचुनाव में निषाद पार्टी के चलते ही सपा ने गोरखपुर की प्रतिष्ठापरक सीट भाजपा के हाथ से छीन ली थी।
सूत्रों का मानना है कि निषाद पार्टी गोरखपुर और महाराजगंज समेत तीन सीटों पर चुनाव लड़ना चाह रही थी। इसके लिए डॉ संजय निषाद और अखिलेश यादव के बीच कई चक्रों में वार्ता भी हुई, लेकिन कोई हल न निकलने के बाद निषाद पार्टी ने आज अपने को गठबंधन से अलग करने की घोषणा कर दी।

निषाद पार्टी का पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में अच्छा प्रभाव बताया जाता है। सपा, बसपा और रालोद के गठबंधन से इसके अलग होने से पूर्वी उत्तर प्रदेश का चुनावी समीकरण अब काफी प्रभावित हो सकता है। चुनावी समीक्षक इस घटनाचक्र को भाजपा के लिए फायदेमंद मान रहे हैं।

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